आसिफ़ हुशैन रिपोर्टर

आलीराजपुर
हमेशा दूसरों की जिंदगी बचाने के लिए दानवीर बन जाते हैं फरिश्ते
बुलंद हौसले के साथ रक्तदान कर जिंदगी बचाने वाले दानवीरों की मुहिम बेमिसाल बनी हुई है। सामाजिक कार्यकर्ता इस पुनीत कार्य में सहभागी बन रहे हैं। जिले से बाहर गुजरात में गंभीर मरीजों को नवजीवन देने वाले महादानियों की भूमिका किसी फरिश्ते से कम नहीं है। रक्तदान करने वालों ने कहा कि हमेशा लोगों को दूसरों की जिंदगी बचाने के लिए आगे आना चाहिए।
आलीराजपुर जाकर कई बार कर चुके हैं रक्तदान
फूलमाल निवासी कुशल तोमर और आलिराजपुर निवासी निरंजन सिंह पटेल समाज सेवा का संकल्प लेकर कई बार रक्तदान कर चुके हैं। वर्ष 2018 से इस कार्य में जुटे तोमर और पटेल ब्लड डोनेट की खबर मिलते ही संबंधित हॉस्पिटल में दौड़ पड़ते हैं।
रक्तदान से होती आनंद की अनुभूति
पटेल और तोमर को किसी असहाय की मदद करने मेें आनंद की अनुभूति होती है। तोमर वर्ष 18 से 11 बार ब्लड डोनेट कर चुके हैं।
शहीद चंद्रशेखर आजाद रक्तदान समिति के संस्थापक कादू सिंह डुडवे कहते हैं कि व्यापक प्रचार-प्रसार से हर साल कैंपों के जरिए रक्तदाताओं की संख्या बढ़ रही है। कई सालों से अमर उजाला की सराहनीय पहल से भी कैंपों के जरिये समाज में क्रांति आ रही है।

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