ब्रजेश पाटिल रिपोर्टर
हरदा जिले के विकास खंड खिरकिया के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र की ग्राम पंचायत सांवरी के अंतर्गत आने वाले ग्राम कालाकहु में कई दिनों से ग्रामीण पानी की समस्या से जूझ रहे हैं लगभग 80 से ज्यादा परिवार के लोग निवास करते हैं,
यहां जिस उम्र में बालिकाओं के हाथों में कलम किताबें होनी चाहिए थी वह जीवन बचाने के लिए नुकीले तारो के बीच से पानी के लिए संघर्ष करने में लगे हैं,
ऐसा ही मामला सामने आया है ग्राम पंचायत सांवरी के ग्राम कालाकहु में यहां विगत 5 माह से ग्रामीण क्षेत्र में पेयजल की समस्या विकराल होती जा रही है। जिन हाथों में कलम और किताबें होनी थी उन हाथों में पानी के बर्तन लेकर नंगें पैर करीब एक किलोमीटर दूर पानी के लिए संघर्ष करने में लगे हैं, इन नन्है बच्चों की सुनने वाला कोई नहीं,
ग्राम में नलजल योजना के तहत पाइप लाइन कनेक्शन तो कर दिए लेकिन एसी कमरूमे पीएचई विभाग एवं ठेकेदारो की लापरवाही के चलते यहां अभी तक ग्रामीणों को पानी की एक बूंद नसीब नहीं हुई, और इस गांव में लगभग 4 हैंडपंप है वह भी टूटे हुए पडे है, जो शो पीस बनकर रह गए हैं। ऐसे में मध्यप्रदेश सरकार की योजनाओं का दावा झूठा साबित होता नजर आ रहा है।
वहीं जब जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी रामकुमार शर्मा से संपर्क किया गया तो बात करने से इंकार कर दिया, जब खुद अधिकारी ही जबाव देही से बचते नजर आए तो फिर पंचायतो के सचिव सहित बाकी कर्मचारी भी लापरवाही बरतने से बाज नहीं आएंगे,
*क्या कहते है जवाबदार*
मेरी काल रिकॉर्ड किया तो मुझसे कोई बात नहीं करें, और फोन काट दिया गया है,
*-जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी रामकुमार शर्मा*





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