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May 7, 2026

सच दिखाने की हिम्मत

बैतूल ब्यूरो चीफ संतोष प्रजापति न्यूज़24×7 इंडिया
दुनावा गाव मे महिलाओ के हित के लिए खड़ी हुई जुली टिटारे ने .महिलाओ को रोजगार देकर आत्म निर्भर बनाने के लिए एक ग्रुप बनाया है. उस ग्रुप का नाम महिला मित्र ग्रूप है . दुनावा गाव मे महिलाओ के इस ग्रुप की अध्यक्ष जुली तितारे टिटारे ने बताया की वह उन महिलाओ को रोजगार दिलाना चाहती है जो किसी कारण से घर से बाहर नही निकल सकती है .और घर से ही खुद का कुछ काम कर अपनी आजीविका आरंभ करना चाहती है. और अपनी और अपने परिवार जरूरतो को पुरा करना चाहती है. जैसे ही जुली को यह पता चला की बेतुल के प्रिया आर्ट एकेडमी मे पेपर बैग बनाने का रोजगार देकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है. जिससे महिलाओ को रोजगार मिल रहा है. और दूसरी तरफ से हमारे प्रधान मंत्री का प्लास्टिक मुक्त भारत का संदेश भी पूरा हो रहा है. तो उन्होंने सोच क्यो ना इनसे संपर्क किया जाए. फ़िर उन्होंने मनोज तिवारी से संपर्क किया . और उनसे जानकारी ली. फिर उन्हे दुनावा महिलाओं को पेपर बैग्स बनाने की ट्रेनिंग देने के लिए आने का आग्रह किया गया । जिसे उन्होंने माना और महिलाओं को पेपर बैग बनाने का प्रशिक्षण दिया . प्रिया आर्ट एकेडमी बेतूल के डायरेक्टर मनोज तिवारी जी ने दुनावा मे लगभग 10 से ज्यादा महिलाओ को बैग बनाना सिखाया. जिसे महिला बहुत उत्साहित हुई . सभी महिलाओ मे से कुछ छात्राएं भी थी , जो इस कार्य को करके अपनी पढ़ाई का खर्च खुद उठाना चाहती है तो महिलाएं गृहिणी थी , जो इस कार्य को करके अपने बच्चो को बेहतर शिक्षा दिलाना चाहती थी .जुली के ग्रुप की सदस्य
प्रियंका घागरे , रिंकी हजारे, खिलेश्वरी पवार, लाली देशमुख , कृति पवार , शारदा पवार , प्रिया कौशिक आदि ऐसी और भी महिलाओ ने खुशी – खुशी बैग बनाना सिखा ।
इस अवसर पर मनोज तिवारी जी द्वारा सभी महिलाओं को बताया गया कि ये योजना उन्होंने kyo आरम्भ की और इसमें कार्य करने वाली सभी महिलाए कैसे आत्मनिर्भर बं सकती है , इसके साथ ही उन्होंने बताया के आरंभ में बैग से जो लाभ होगा उसका 10 % पैरालिसिस पीड़िता युवती प्रीति पवार के ईलाज मे खर्च किया जायेगा ।क्योंकि इस पेपर बैग्स को आरम्भ करने का विचार उन्हें प्रीति के कारण ही आया था । और प्रीति के स्वस्थ होने के बाद भी हम ये 10% ऐसे ही बच्चो के लिए खर्च करेंगे ।