श्रीमति एस. पाटीदार रिपोर्टर
गणेश चतुर्थी के पावन पर्व पर गोकुलधाम गौशाला समिति काली किराय ( मनावर) द्वारा आज गंगू सेठ की दूकान से नेहरू पार्क के पीछे गौशाला का रथ ले जाकर पहली रोटी “गाय माता ” के लिए मांगी गई। गेहूं, आटा ,चावल, दाल, सब्जी ,रोटी ,सब्जी की कतरन भी लोगों से ली गई। गोकुलधाम धाम गौशाला में लगभग 115 गऊ माता हैं। जिनका भरण पोषण जन समुदाय एवम् शासन के सहयोग से किया जा रहा है। सम्राट स्वामी “करपात्री जी महाराज” ने कहा है कि धन की वृद्धि का उपाय दान है। दोगे नहीं तो ,पाओगे कहां से। वह पात्र है – गोवंश। गऊ माता को दिया हुआ दान ,कभी नष्ट नहीं होता है। गऊ की पूंछ छूने से मुक्ति का मार्ग खुल जाता है। गाय के दूध में सारे पोस्टिक तत्व मौजूद है ।मीरा बाई जहर पीकर भी जीवित रह गई, क्योंकि वह गऊ माता का पंचगव्य का सेवन करती थी ।
गौ शाला समिति के उपाध्यक्ष जगदीश चंद पाटीदार ने बताया कि ब्रह्मा जी ने जब सृष्टि की रचना की थी, तो सबसे पहले गऊ माता को ही पृथ्वी पर भेजा था ।घर की समृद्धि और धन की प्राप्ति के लिए घर में गौमाता होना जरूरी है ।
“मां “शब्द की उत्पत्ति गोवंश से हुई है ।श्री कृष्ण जी गऊ माता की सेवा अपने हाथों से ही करते थे और उनका निवास भी गोलोक बताया गया है।सूरदास ,तुलसीदास जी ने भी गौ कथा का वर्णन किया है ।लोग दान भी दे रहे हैं और सेवा भी दे रहे है।लोगो ने भी सहयोग किया ।वह भी सामग्री लेने के लिए अति उत्साहित रहे ।। उनका कहना है कि प्रति माह अमावस्या, पूर्णिमा के दिन जरूर आए ताकि हम को भी “गऊ माता” सेवा का अवसर मिल सके। गाय माता का आशीर्वाद से हम अपनी बुद्धि और ज्ञान में वृध्दि कर सके।अध्यक्ष लक्ष्मण मुकाती, , सचिव लोकेश पाटीदार, जितेन्द्र सोनी ,विकास शर्मा वरिष्ठ पार्षद, प्रवीण पाटीदार, नवनीत पाटीदार, हरि ओम पाटीदार, राजाराम चौबे,हेमन्त खंडेलवाल, संदिप धनगर उपस्थित थे।


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