
देशभर में मंकीपॉक्स के बढ़ते मामलों को देखते हुए झांसी जिला प्रशासन भी अलर्ट मोड में आ गया है. मंकीपॉक्स के संदिग्ध मरीजों के लिए जिले के सभी कोविड वार्ड में 10 बेड आरक्षित रखे गए हैं. इनमें जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज समेत सभी पीएचसी और सीएचसी शामिल हैं. हर वार्ड में आइसोलेशन के पूरे इंतजाम कर दिए गए हैं. इसके साथ ही डॉक्टर और अन्य मेडिकल स्टाफ को ट्रेनिंग भी दी जा रही है.
झांसी के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुधाकर पांडेय ने बताया कि फिलहाल झांसी जनपद में कोई भी मंकीपॉक्स का संदिग्ध मरीज नहीं आया है. इसके बावजूद एहतियात के तौर पर हर सरकारी अस्पताल में संदिग्ध मरीजों के लिए बेड पहले से ही तैयार रखे गए हैं. इसके साथ ही डॉक्टरों की अलग-अलग टीम बनाकर उन्हें ट्रेनिंग भी दी जा रही है. हमारी कोशिश रहेगी कि अलग-अलग टीम बनाकर उन्हें ट्रेनिंग भी दी जा रही है. हमारी कोशिश रहेगी कि यह बिमारी झांसी तक ना पहुंचे.
मंकीपॉक्स के मरीजों को बुखार, शरीर में दर्द के साथ ही पूरे शरीर पर और खास तौर पर हाथ पर बड़े-बड़े फोड़े हो जाते हैं. दिल्ली में मंकीपॉक्स के चार मरीज मिलने के बाद से जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर कदम उठाने शुरू कर दिए हैं. गौरतलब है कि अफ्रीका से शुरू हुई यह बीमारी लगातार बढ़ती जा रही है और अब तक 78 देशों में फैल चुकी है.
झांसी शहर में मिनर्वा चौराहा पर बने जिला अस्पताल के कोविड वॉर्ड में ही मंकीपॉक्स 10 बेड आरक्षित किए गए हैं. झांसी-कानपुर हाईवे पर स्थित महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक में भी 10 बेड मंकीपॉक्स के संदिग्ध मरीजों के लिए तैयार रखे गए हैं. इसके साथ ही पीएचसी बामोर, सीएचसी मऊरानीपुर, सीएचसी बबीना, सीएचसी गुरसराय, सीएचसी मोठ, सीएचसी बंगरा, सीएचसी बड़ागांव, पीएचसी समथर, पीएचसी सकरार में भी अलग वार्ड तैयार किए गए हैं.

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