स्थान मध्य प्रदेश लोकेशन रायसेन
नरेन्द्र राय ब्यूरो चीफ

एंकर रायसेन।नगर पालिका परिषद इन दिनों खाली खजाने को भरने के लिए वसूली टीमें गठित कर राजस्व वसूली करने में जुट गई है।
नपा परिषद की अध्यक्ष सविता जमना से न नपा सीएमओ सुधीर कुमार सिंह के आदेश पर 200 से अधिक राजस्व वसूली टीमें सरकारी बंगले और क्वार्टर पर अलग-अलग सुविधाएं दे रखी हैं। इनमें बड़े पद से लेकर छोटे पद वाले नुमाइंदे रखते हैं। लेकिन वे जलकर जमा नहीं कराते। आलम यह है कि हर महीने 83 लाख रुपये बिल जलकर का बनता है।लेकिन जलकर वसूली महज 3 लाख रुपये के लगभग वसूली बमुश्किल हो पाती है।उनको न तो वसूली के लिए नोटिस दिए जाते हैं और न ही नल कनेक्शन काटे जाते हैं। नपा की ये दरियादिली उन पर ही अब भारी पड़ रही है। क्योंकि नपा के पास उनके नाम तक नहीं है।ऐसी स्थिति में नपा को करीब 8 से 10 लाख की जल वसूली करना है। इसके लिए अब वह सूची तैयार कर रही है, कि उस समय कौन से अधिकारी इन बंगले और क्वार्टर में रहता था और उस पर कितना बकाया है। वहीं शहर में जनता है करीब 90 लाख रुपए से अधिक बकायादार है। नगरपालिका ने 5-5 कर्मचारियों की तीन टीमें बनाकर जलकर वसूली के लिए लगाए हैं। इन कर्मचारियों ने 15 दिन में 15 लाख रुपए वसूल कर लिए हैं
वसूली के लिए वार्ड वार्ड की खाक छानती घूम रहीं टीमें….
अब पहले वार्ड का रिकॉर्ड निकालकर बकायादारों की सूची बनाई जा रही है। इसके बाद उन वार्डों में पहुंचकर राशि वसूली के लिए काम किया जाता है। इस अभियान में अभी तक 30 से अधिक नल कनेक्शन भी काटे जा चुके हैं। ये कनेक्शन सिर्फ जनता के हैं।
32 किमी दूर हलाली से मंगाते हैं पानी….
शहर में घर-घर जो टोटी से पानी सप्लाई किया जाता है।ये पानी बड़ी लागत के बाद घरों तक पहुंच पाता है। शहर से 32 किमी दूरी पर स्थिति हलाली डेम से पाइप लाइन के माध्यम से शहर की बायपास रोड स्थित फिल्टर प्लांट में लाया जाता है। हलाली डैम बसे आए पानी को फिल्टर प्लांट में फिटकरी और क्लोरीन के माध्मय से शुद्घ किया जाता है । इसके बाद शहर में बन टंकियों को इस शुद्घ पानी से भरा जाता है। इसके बाद डिस्ट्रीब्यूशन लाइनों के माध्यम से घर-घर ये पानी नगपालिका द्वारा सप्लाई किया जाता है। इस पूरी प्रक्रिया में बड़ी मात्रा में बिजली का खर्च, कर्मचारियों के वेतन, फिटकरी और क्लोरीन के खर्चे सहित मेंटेंनेंस पर नपा का बड़ी राशि खर्च करना पड़ती है। जलकर वसूली न होने से नपा का जल सप्लाई घाटे का सौदा साबित होती है।
हर महीने 13 लाख 50 हजार की बिलिंग, वसूली महज 3 लाख
50 हजार की आबादी वाले शहर में 7500 नल कनेक्शन हैं। हर महीने नगरपालिका प्रति कनेक्शन 180 रुपए का जलकर लगाती है। कनेक्शन की शर्तों में ये निर्देश शामिल हैं कि हर महीने की 10 तारीख के पहले सभी उपभोक्ताओं को 180 रुपए प्रति कनेक्शन के हिसाब से जलकर की राशि नगरपालिका में जमा कराना है। ऐसा न करने वालों पर जुर्माने का भी प्रावधान हैं। नगरपालिका द्वारा हर महीने 13 लाख 50 हजार रुपए जलकर की बिलिंग की जाती हैं, लेकिन 2.5 से 3 लाख रुपए जलकर की ही वसूली हो पाती हैं। शेष राशि बकाया होती चली जाती है।
इनका कहना है….
पुराने रिकार्ड अपडेट कर रहे हैं
शहर पुराने बकाया जलकर की वसूली को लेकर अभियान चलाया जा रहा है। वहीं सरकारी बंगलों और क्वार्टरों के बिलों का पुराने रिकार्ड ठीक से नहीं रखा नहीं गया है। अब रिकार्ड अपडेट करने के लिए भी काम किया जा रहा है। इससे जलकर की अधिक से अधिक से वसूली हो पाए । –
पीके साहू, जल शाखा प्रभारी, नगरपालिका

More Stories
अर्जुनपुरा-कछपुरा बजरिया में आस्था का सैलाब: 30 युवाओं ने एक साथ उठाई विशाल कांवड़, 1,11,000 पाले चढ़ाकर रचा इतिहास
बरुआ सागर: सिद्ध पीठ मनसल माता के आंगन में गूंजी शहनाइयां; 151 कन्याओं के सामूहिक विवाह में उमड़ा जनसैलाब
चैतमा स्थित निर्माणाधीन चिकित्सक आवास का कलेक्टर ने किया निरीक्षण