एस पाटीदार रिपोर्टर



कथावाचक एवम रामायण के मार्मिक ज्ञाता डिजिटल बाबा राम शंकर जी महाराज द्वारा कथा में रामचरितमानस की पंक्तियों को संबंध में बताया कि रामायण हमें मर्यादा का पाठ तो सिखाती है, लेकिन प्रत्येक चौपाईयाॅ और दोहे आदि में परिवार को एक सूत्र में बांधे रखने का संस्कार भी समाज को सीखाने का काम करती है। सीता में जो गुण थे, वे ही गुण धर्म संगिनी मे भी होना चाहिए। श्रीराम के गुणों जैसा मर्यादा में रहे वैसे पति मे भी गुण होना चाहिए। उन्होंने आगे बताया कि 84 लाखों में मानव ही एक ऐसी योनी है जो परमेश्वर को भक्ति ,सत्संग एवम स्वाध्याय के माध्यम से प्राप्त कर सकते हैं। डिजिटल बाबा स्वामी राम शंकर ने सत्संग एवम संगीतमय भजनों की प्रस्तुति दी। गुरु और शिष्य के संबंध में विस्तार से वर्णन किया गया। बाबा मां नर्मदा की पैदल परिक्रमा कर रहे हैं। नर्मदा परिक्रमा कि जो राशि भेंट मे आती है ।वह परिक्रमा वालों को दे दी जाती है ।उन्होंने नर्मदा परिक्रमा करने वालों शिष्यों को भी बताया कि नर्मदा के आसपास गंदगी भी नहीं करना चाहिए। स्वच्छता के सूत्र में रहना चाहिए ।
हमारे देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने स्वच्छता के संबंध में बताया कि गंदगी नहीं करना चाहिए। स्वच्छ- मध्यप्रदेश, स्वच्छ-भारत के सपनों को साकार करना चाहिए। श्री श्री 1008 श्री गजानन जी महाराज पुनर्वास स्थल “मां अंबिका आश्रम ” बोधवाडा में डिजिटल बाबा ने संगीत मय कथा कर रात्रिकालीन विश्राम किया।बाबा का स्वागत , पूजन- अर्चन ओम प्रकाश राठौड़ वरिष्ठ अध्यापक एवम धर्मपत्नी,संगिनी ,राज राजेश्वरी अनिता राठोड ने किया। राठोड दम्पति ने बाबा जी से आशीर्वाद प्राप्त कर खुशमय जीवन व्यतीत करने की प्रतिज्ञा धारण की।

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