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April 10, 2026

सच दिखाने की हिम्मत

स्वयं सहायता समूहों के नाम पर हो रहा हर महीने घालमेल,स्व सहायता समूहों की बजाय ठेकेदारों का निश्चित लाभ देने वाला व्यापार बना पोषण अभियान

स्थान मध्य प्रदेश लोकेशन रायसेन

नरेन्द्र राय ब्यूरो चीफ

एंकर रायसेन।महिला स्वयं सहायता समूहों के जरिये जिले के 1 लाख से अधिक बच्चों के अलावा किशोरी बालिकाओं और गर्भवती एवं धात्री माताओं के पोषण पर हर वर्ष करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं। इसके साथ ही स्कूलों में मध्यान्ह भोजन पर भी खर्च हो रहे हैं। बच्चों और किशोरियों के लिए दिए जा रहे इस पोषण आहार और मध्यान्ह भोजन सप्लाई पर कब्जा करने के लिए भोजन माफिया ने जाल बिछा लिया है।
महिला स्व सहायता वसमूहों के नाम पर क्षेत्रीय नेता और ठेकेदार खाना देने के नाम पर हर दिन फर्जीवाड़ा कर रहे हैं। नगर पालिका परिषद क्षेत्र में भी ठेकेदारों नेआंगनबाड़ी केन्द्र और लगभग 200 प्राइमरी और मिडिल स्कूलों पर कब्जा जमा रखा है।लगभग लाखों करोड़ रुपए के निश्चित लाभ वाले कारोबार में बदल दिया है। सूत्रों का कहना है कि इस गोरखधंधे में मॉनिटरिंग करने वाले मध्यान्ह भोजन सेल के अधिकारी, महिला बाल विकास के पर्यवेक्षक और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता भी शामिल हैं।
मॉनिटरिंग में लापरवाही….
जिले की आंगनवाड़ी केन्द्र और स्कूलों में मॉनीटरिंग के लिए अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। महिला बाल विकास ने जहां बच्चों की उपस्थिति, पोषण आहार वितरण सहित अन्य कामों की रियल टाइम मॉनीटरिंग के लिए पोषण ट्रैकर पोर्टल तैयार किया है। जबकि स्कूलों में मध्यान्ह भोजन की मॉनीटरिंग के लिए स्कूल के टीचर, पीटीए के अलावा जिला पंचायत की एमडीएम सेल जिम्मेदार है। मॉनीटरिंग के काम में अधिकारी जानबूझकर लापरवाही बरत रहे हैं।
इस तरह हो रहा गोलमाल…..
●महिला स्व सहायता समूहों के नाम पर ठेकेदारों के अलग अलग हिस्सों में बांटकर कब्जा जमा रखा है।
● रियल टाइम मॉनिटरिंग के लिए लांच किए गए पोषण ट्रैकर पर जानबूझकर सही अपडेट नहीं किया जा रहा।
● आंगनबाड़ी केन्द्रों पर पोषण आहार को लेकर प्रतिद्वंद्वी समूह या ठेकेदार शिकायत न करे, इसलिए 10-10 समूहों का ग्रुप बनाकर केन्द्रों को बांट लिया है।
पोषण आहार और मध्यान्ह भोजन वितरण की मॉनीटरिंग के लिए संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। पोषण आहार को लेकर हाल ही में शिकायतें भी आई हैं। वास्तविकता को परखने के लिए अचानक निरीक्षण करके वस्तुस्थिति का पता करेंगे।
अरविंद दुबे , कलेक्टर रायसेन