एस पाटीदार रिपोर्टर



लोकेशन :-मनावर ।
विओ :-
“ऊं ऐं ह्रीं क्लीं चामुंडायै विच्चे ” मंत्र के साथ में गुप्त नवरात्रि की प्रमुख देवी मां काली का पूजन किया गया।
श्री श्री 1008 श्री गजानन जी महाराज अंबिका आश्रम ,बालीपुर धाम के शिष्य श्री योगेश जी महाराज एवम पंडितों के दल द्वारा गुप्त नवरात्रि विधि विधान और मंत्रोचार के साथ प्रारंभ हुई। सर्वप्रथम पंचायतन देवता का पूजन कर दुर्गा सप्तशती के मंत्रों के साथ में हवन किया गया। तीन दिवसीय दुर्गा सप्तशती का पाठ योगेश जी महाराज , सुधाकर जी महाराज एवम ब्राह्मणों द्वारा हुआ। इस नवरात्रि में गुप्त विद्याओं की सिद्धि हेतु यहां नवरात्रि माघ मास में नवरात्रि को मनाते है। तंत्र के साधनों को गुप्त रूप से सिद्ध किया जाता है। इसमें विशेष कामों की सिद्धि भी की जाती है ।अपने दुःखों को भी दूर किया जा सकता है ।मां काली के नौ रूपों के साथ 10 महाविद्यायो की भी पूजा की जाती है। 101 कन्याओं का पूजन कर फल एवम कपड़े दिए तथा भैरव को कुर्ता ,धोती दी गई। तीन दिवसीय नवरात्रि में दुर्गा सप्तशती के पाठ हुए। गुरु आरती,मां अंबे की आरती तथा गुरु स्त्रोत होने के पश्चात विशाल पैमाने पर तीन दिवसीय भंडारे मे हलवा, मिठाई, समोसा, पुरी,सब्जी, चावल, दाल , सेव एवम साबुदाने की खिचड़ी दी गई।आचार्य प्रदीप मंडलोई, अरुण महाराज, कथावाचक सनावद के पंडित दुर्गाशंकर जी तारे थे। कोआपरेटिव बैंक के प्रबन्धक महेश पाटीदार,यशवन्त ,कोठारी मनोज , अश्विन ,गोपाल का सहयोग रहा।उक्त जानकारी सदगुरु सेवा समिति के जगदीश पाटीदार अध्यापक ने दी।

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