भारतीय संस्कृति को बचाने के लिए शिव पार्वती विवाह संपन्न हुआ।
लोकेशन:-मनावर।
एस पाटीदार रिपोर्टर
















विओ :-सनातन संस्कृति एवं भारतीय परंपरा को बनाए रखने के लिए तथा आने वाली पीढ़ी को इस संस्कृति से जोड़ने के लिए भोलेनाथ एवम पार्वती का विवाह किस प्रकार होता है ,बताया गया।पाश्चात्य संस्कृति का भारत मे हावी होने से भारतीय संस्कृति का खतरा बड रहा है।इस हेतु परंपराओं मे सामाजिक क्रांति करने के लिए मुकेश मुकाती (अम्बानी) के नाम से प्रसिद्ध व्यक्ति ने मनावर मे शंखनाद किया। शिव महापुराण के रुद्र संहिता में शिव गणों का उल्लेख होता है। सबसे पहले गणों को मनाने के बाद में ही भगवान को प्राप्त कर सकते हैं ।इनके बगेर मंदिर में पट भी नहीं खुल सकते है। इस हेतु कृष्ण त्रयोदशी की रात्रि को ॠतु मुकेश सपत्निक बंकनाथ दरबार मे सज धज कर दूल्हे के रूप में भोलेनाथ को सजाया गया और पार्वती पक्ष की ओर से भगवती राकेश पटेल सपत्निक ने बारातियों की अगवानी की। मनावर नगर में पहली बार ऐसा ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन हुआ।लगभग 1900 धर्मिक श्रद्धालु देखने के लिए आये। इस कार्यक्रम में राधेश्याम मुकाती, लाडकी मुकाती,मुकेश मुकाती, ॠतु मुकाती वार्ड क्रमांक 12 पार्षद, राकेश मुकाती,मुकेश पटेल, राकेश पटेल, अनिल चौपडिया, भागचन्द पाटीदार, कैलाश राठौड, अनिल तोमर,नारायण सोनी, जे डी जौहरी,हरिओम, साती जीजी, जय माला पाटीदार सरदार पटेल ग्रूप महिला पाटीदार समाज अध्यक्ष ,रूपचंद पाटीदार, महेश मुकाती, देवदास पाटीदार, जगदीश पाटीदार, रामेश्वर पाटीदार, आदि का विशेष रूप से सहयोग रहा।
बाईट :- ॠतु मुकाती पार्षद वार्ड क्रमांक 12

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