जिला ब्यूरो चीफ कैलाश बरफा








सिंघाना (निप्र) ग्राम सिंघाना में मां हरसिद्धि ज्ञान गंगा समिति एवं समस्त गऊ भक्तों के सौजन्य से सप्त दिवसीय शिवपुराण कथा शुक्रवार से चल रही है। कथा के पंचम दिवस कथा प्रवक्ता विदुषी अंजली जी जोशी,बेटमा ने शिव-पार्वती विवाह प्रसंग के माध्यम से आधुनिक विवाह समारोहों में सुधार की आवश्यकता बताते हुए कहा कि वर्तमान में विवाह को संस्कार न मानते हुए हमने एक फैशन बना दिया। महिला संगीत के नाम पर फूहड़ गानों पर नृत्य किया जा रहा है । विवाह की गोधुलि बेला को नाच-गाने में बिता देते हैं और फिर लग्न बिना मुहुर्त के लगाते हैं जो कि गलत है । वहीं सात फेरों के सात वचन किसी को भी याद नहीं रहते । भोजन के नाम पर बफेट में खड़े-खड़े भोजन करते हैं जो भारतीय सनातन संस्कृति में वर्जित है । बिदाई के साथ ही दुल्हन अपने साथ मोबाइल ले जाती है जो कि विवाह विच्छेद का कारण बनता है , दुल्हन अपने ससुराल की हर छोटी-बड़ी बात अपने पीहर बताती है और फिर झगड़ा शुरू हो जाता है । विवाह से पूर्व अपनी बेटी को संस्कार देना चाहिए जिस तरह पार्वती को माता मैना ने दिए थे । विवाह समारोह में लाखों रूपए खर्च किए जाते हैं किन्तु पंडित जी को उनकी दक्षिणा देने में जजमान को सांप सूंघ जाता है जबकि शास्त्रों में खर्च का दशांश दान देने का विधान बताया गया है । कथा का समापन पर आगामी 2 मार्च को गऊ ग्रास देने वालों का और कथा प्रवक्ता का मंच पर स्वागत किया जाएगा । सिंघाना से धार की खबर

More Stories
पवन चक्की के भारी वाहन रौंद रहे प्रधानमंत्री सड़क, प्रशासन मौन! *किसानों और ग्रामीणों की जीवनरेखा बनने जा रही सड़क अब गड्ढों में तब्दील
नवनियुक्त जयस कार्यकारिणी अध्यक्ष जीवन ठाकुर और जिला अध्यक्ष भारत सिंह गामड़ का स्वागत*
बुढ़मू में लकड़ी माफियाओं का आतंक, सखुआ–महुआ–बर के पेड़ खतरे में।।