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April 5, 2026

सच दिखाने की हिम्मत

एसीसी ट्रस्ट कैमोर द्वारा पशुधन विकास हेतु उन्नत नस्ल सुधार की ओर बढ़ा एक और कदम… अनुपयोगी नाटो के लिए लगाया गया बधियाकरण शिविर

पं संदीप शर्मा रिपोर्टर

एसीसी लिमिटेड, अडानी सीमेंट के चीफ मैन्युफैक्चरिंग ऑफिसर (सेन्ट्रल) श्री वैभव दीक्षित के मार्गदर्शन एवं एसीसी ट्रस्ट प्रमुख श्रीमती ऐनेट एफ विश्वास के निर्देशन में विविध आजीविका संवर्धन हेतु कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे है जिनमे प्रमुखत: जल संरक्षण व संवर्धन, पशुधन विकास, उन्नत कृषि, लघु उद्यम एवं क्षेत्र के किसानों हेतु क्षमता विकास शामिल है। इसी कड़ी मे एसीसी ट्रस्ट द्वारा विगत आठ माह से नंदनी गौशाला नन्हवाराकला के परिसर में पशुधन विकास केंद्र खोला गया है। इस केंद्र से उन्नत नस्ल सुधार कार्यक्रम चलाया जा रहा है जिसके तहत पशुपालकों के घर में पहुँचकर नि:शुल्क सेवा प्रदान की जा रही है। इस कार्यक्रम के माध्यम से क्षेत्र मे अब तक 220 कृत्रिम गर्भाधान किये जा चुके है जिनमे से 176 सार्टेड सीमेन से ए.आई. की गई है।

इस कार्यक्रम को और गति प्रदान करने के लिए, ग्रामवासियो की मांग अनुसार माँ शारदा गौशाला, ग्राम जमुआनीकलां में डॉ जे. पी. लखेर पशु चिकित्सक विजयराघवगढ़ की उपस्थिति में पशु बधियाकरण शिविर लगाया गया, इस शिविर में पशुपालकों द्वारा अपने अनुपयोगी नाटो को बधिया कराने हेतु लाया गया, साथ ही गौशाला में रह रहे उपयोगहीन नाटो की नसबंदी भी की गई। इस शिविर में कुल 40 नाटो को बधिया किया गया, इन सभी नाटो के कारण देशी प्रजाति की बहुत सी गायो में कृत्रिम गर्भाधान नहीं हो पाता था, अब उम्मीद है कि उन्नत नस्ल सुधार कार्यक्रम में और तेजी आवेगी। इसके साथ ही 150 जानवरो मे FMD का टीकाकरण भी किया गया।

इस शिविर से ग्रामवासियों में बहुत उत्साह देखा गया और सभी ग्रामवासियो ने संकल्प लिया कि वे अपने घर के प्रत्येक गाय व भैस को कृत्रिम गर्भाधान करांएगे और नाटे नहीं लगने देंगे और अगर जरूरत पड़ी तो दोबारा बधियाकरण शिविर लगवाएंगे जिससे उनके पास भी आने वाले तीन वर्षों के अंदर गिर, साहीवाल, जर्सी, एचएफ, मुर्रा, जाफरावादी जैसे अधिक दूध देने वाले गाय व भैस की उन्नत प्रजाति हो, जो उन्हें आय व आजीविका प्रदान कर सके। साथ ही यह भी कहा कि हमारे पास जब अच्छे दूध देने वाले पशु होंगे तो आवारा पशुओ में कमी आएगी जो रात में फसलों को बर्बाद कर रहे है।

इस बधियाकरण शिविर को सफल बनाने के लिए बाएफ संस्थान दमोह के गौतम प्रसाद यादव व केन्द्र प्रभारी रामेश्वर गुप्ता का महत्वपूर्ण योगदान रहा। यह पूरा कार्यक्रम परियोजना अधिकारी सी. के. गुप्ता व एसीसी सी.एस.आर. के पंकज द्विवेदी के सतत मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ।