Chief Editor

Dharmendra Singh

Office address -: hanuman colony gole ka mandir gwalior (m.p.) Production office-:D304, 3rd floor sector 10 noida Delhi Mobile number-: 9806239561, 9425909162

February 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
232425262728  
February 23, 2026

सच दिखाने की हिम्मत

लोकेशन संदला/सलवा

दिनांक 21/3/2023

संजय द्विवेदी रिपोर्टर


खुटपला -सरदारपुर तहसील के एक छोटे से गांव खुटपला मैं सामाजिक रूढियां मे जकडे ग्रामीण क्षेत्रों मे भी अब नई चेतना आने लगी है इसी कडी में ग्राम खुंटपला मे ऐसा ही एक मामला देखने को मिला है। स्थानीय निवासी हीरालाल मुलेवा के छोटे बेटे सुनिल की मृत्यु दो साल पहले 30 वर्ष की आयु मे हो गई थी, ऐसे में बहू की पहाड जैसी जिन्दगी को घ्यान में रखते हुवे ससुर हीरालाल मुलेवा ने बहू से चर्चा कर दूसरा विवाह करने का एक कठिर निर्णय लिया। बहू सीमा की सहमति के बाद रविवार को चिंतामन गणेश मंदिर परिसर उज्जैन मे दुसरा विवाह संपन्न हुआ। इस विवाह में ससुर हीरालाल मुलेवा व सास घणीबाई ने माता पिता एवं जेठ बाबूलाल एवं जेठानी ममता ने भाई-भाभी बनकर कन्यादान किया। सीमा के भाई शुभम, माता पिता कैलाश मारू एवं श्रीमती गीता मारू ने सजल नैत्रों से अपने समधि का आभार व्यक्त करते हुवे कहा कि ऐसे रिश्तेदार पाकर हम धन्य हुवे।

इस अवसर पर टांडाखेडा के समाजसेवी कांतिलाल टांक ने अपने संबोधन मे कहा कि समय मे साथ सामांजिक रूढियों में बदलाव आवश्यक है। ऐसे अनुकरणीय निर्णय के लिये हीरालाल मुलेवा एवं परिवार को धन्यवाद दिया, वहीं मारू कुमावत समाज तीन परगना के पूर्व अध्यक्ष रमेश पटेल ने सेंकडो समाजजनो को संबोधित करते हुवे कहा कि इनके इस साहसिक कार्य से समाज में एक नई पंरपरा कायम करने के लिये इन्हे याद किया जावेगा। मारु समाज में इस प्रकार की प्रथम पहल होना और एक ससुर द्वारा अपनी बहु का कन्यादान करने की खबर फैलते ही आमजन द्वारा मुलेवा परिवार की प्रशंसा की जा रही है।

सीमा मारुः-मेरी पति के निधन के बाद मुझे परिवार वालो ने बेटी के समान रखा वही ससुर जो पिता के बराबर हक अदा कर मेरा कन्यादान आज किया निश्चित ही यह मेरे लिये गौरव की बात हैं मे जीवनभर इस पिता का कर्ज नही उतार पाउंगी ।

उक्त जानकारी मारू कुमावत समाज के कैलाष मारू दसाई ने एक प्रेस विज्ञप्ति में दी।

ग्राम खुंटपला की बहु का उज्जैन में बेटी समझकर कन्यादान करते मुलेवाजी