Chief Editor

Dharmendra Singh

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April 16, 2026

सच दिखाने की हिम्मत

आष्टा के साथ भेदभाव के लगाए आरोप


इस वर्ष के अंत में नवम्बर-दिसम्बर माह के मध्य मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव होना है
लिहाजा मिशन 2023 के लिए दोनों प्रमुख दल भाजपा और कांग्रेस ने रणनीति बनाना शुरू कर दिया है!
और सत्ता से दूर कांग्रेस जनता से जुड़े हुए मुद्दों को भुनाकर सरकार बनाने के लिए जद्दोजहद करती हुई दिखाई दे रही है!
और इसके लिए कांग्रेस के शीर्ष नेता विशेष रणनीति के तहत ऐसी विधानसभाओ का दौरा कर रहे है जहाँ लंबे समय से कांग्रेस नहीं जीत पाई है वही आष्टा विधानसभा मे भी कांग्रेस के ऐसे ही हालत है जहाँ 33 वर्षो से भाजपा कब्जा जमाये हुए और कांग्रेस यह जीत के लिए तरस रही है!
ऐसे मे महज कुछ माह बाद नवम्बर दिसम्बर के बीच होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र कांग्रेस आष्टा विधानसभा मे जमीन से जुड़े मुद्दों को उठाकर जीत हासिल करने का सपना देख रही है
जहाँ एक और 14 अप्रेल को पूर्व सीएम कांग्रेस प्रदेशअध्यक्ष कमलनाथ संविधान बचाओ सभा करेंगे तो सीहोर जिले की राजनीती मे अहम दखल रखने वाले कददावर कांग्रेस नेता आष्टा नगरपालिका मे तीन बार बतौर अध्यक्ष रह चुके कैलाश परमार ने प्रेस वार्ता कर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित इलाके के तमाम जनप्रतिनिधि सांसद, विधायक को आड़े हाथों लेते हुए आष्टा को उपेक्षा का शिकार बताया तो वही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर अपने गृह जिले की आष्टा विधानसभा पर भेदभाव करने जैसा गंभीर आरोप भी लगा दिया तो आष्टा के लिए मेडिकल कॉलेज की मांग भी की!
परमार ने प्रेस वार्ता कर,आष्टा में शासकीय मेडिकल कालेज खोलने की मांग की
कन्नोद रोड स्थित अपने कार्यालय पर कांग्रेस नेता कैलाश परमार ने प्रेस वार्ता आयोजित कर कहा की आज महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती है । उन्होंने शिक्षा एवम सामाजिक जागरूकता क लिए कार्य करके समाज को नई दिशा दी थी । महात्मा ज्योतिबा फुले को श्रद्धाजंलि अर्पित करते हुए हम अपने क्षेत्र के प्रति भेदभाव और अन्याय के प्रति शासन का ध्यान आकर्षित करना चाहते देखा जाए तो बीते लगभग दो दशकों से मध्यप्रदेश के सीहोर जिले को मुख्यमंत्री के गृह जिले के रूप में जाना जाता है इसके बावजूद जिले का आष्टा विधान सभा क्षेत्र जो सबसे बड़ा विकास खण्ड भी है विकास के मामले में उपेक्षा बल्कि अन्याय का शिकार रहा है । हम सभी समाचार पत्रों और अन्य संचार साधनों से इस क्षेत्र के लिये कभी सर्व सुविधायुक्त ट्रामा सेंटर , कभी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जोन , कभी अंतर्राष्ट्रीय एरोड्रम , कभी औद्योगिक कॉरिडोर तो कभी रेलवे लाइन के बारे में घोषणाएं और कागजी योजनाओं के बारे में सुनते रहते हैं । लेकिन इनमें से एक भी योजना जो इस क्षेत्र के विकास और लोगो के रोजगार वरदान साबित हो सकती थी को धरातल पर नही उतारा गया है । मैं इसे क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों की राजनैतिक अकर्मण्यता मानता हूँ । भेदभाव इस लिए भी ज्यादा दुखद है कि मध्यप्रदेश में भाजपा की दो दशकों की सरकार के साथ क्षेत्र के विधायक भी इसी दल के रहे हैं । अकर्मण्यता , उपेक्षा और राजनीतिक के लिए कारण कौशल विकास केंद्र और न ही कोई मेडिकल कालेज या उच्च शिक्षा संस्थान ही स्थापित किया गया है । ही हमारे क्षेत्र में शासकीय स्तर पर न तो कोई तकनीकी महाविद्यालय , न ही कोई जबकि आष्टा विधान सभा क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति प्रदेश के इंदौर और भोपाल जैसे दो प्रमुख महानगरों के मध्य होने के कारण हर लिहाज से विकास के लक्ष्य के अनुकूल है । आप • . सभी जानते हैं कि आष्टा क्षेत्र में शासकीय स्तर पर उच्च शिक्षा के लिए महाविद्यालय की स्थापना एक लंबे संघर्ष का परिणाम थी । वर्ष 1982 में राजनैतिक आधार पर इछावर क्षेत्र में शासकीय कालेज की घोषणा हुई थी तब भी आष्टा को अनदेखा किया गया था । तब मैं भोपाल से अपनी पढ़ाई पूरी कर आष्टा आया ही था । आष्टा की अनदेखी से नाराज छात्र वर्ग और जागरूक नागरिकों ने प्रदेश की छात्र राजनीति में मेरी सक्रियता को देखते हुए सम्पर्क किया और आष्टा में कालेज खोलने के लिये आंदोलन करने का निर्णय लिया । छात्र हित में यह मेरा भी फर्ज था कि शासन कोई भी हो आष्टा में हर हाल में शासकीय कालेज की स्थापना होनी चाहिए और इसी उद्देश्य के लिये कालेज खोलो छात्र संघर्ष समिति का गठन किया गया जिसका नेतृत्व मुझे सौंपा गया था
उस जबरजस्त जन आंदोलन के परिणाम स्वरूप आष्टा में शासकीय महाविद्यालय खोलने के लिए प्रदेश के तत्कालीन शिक्षा मंत्री श्री मोतीलाल वोरा को आष्टा आकर घोषणा करनी ही पड़ी थी । आज इस पत्रकार वार्ता के माध्यम से मैं आष्टा की लगातार उपेक्षा की तरफ सभी का ध्यान आकर्षित करना चाहता हूँ । प्रदेश के मुख्यमंत्री जिले में अपने निर्वाचन क्षेत्र बुधनी में ज्यादा विकास हेतु तत्पर रहें इसमें कोई दिक्कत नही है । लेकिन जिले के आष्टा जैसे प्रमुख जनपद की विकास के मामले में लगातार उपेक्षा असहनीय ही कही जाएगी । मुख्यमंत्री सहित मध्यप्रदेश शासन को ” भरे में ही भरने की इस प्रवृत्ति का त्याग कर के आष्टा क्षेत्र पर भी ध्यान देना चाहिए । मैं इस वार्ता के माध्यम से नागरिकों को भी आगाह करना चाहता हूँ सक्रियता की कमी और लम्बी राजनीतिक शून्यता के चलते जागरूकता और जनसंघर्ष ही हमारे क्षेत्र के विकास दरवाजे खोल सकता है । मैं प्रदेश शासन से इस पत्रकार वार्ता के माध्यम से यह मांग करता हूँ कि युवाओं के हित मे और आष्टा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र के दीर्घकालीन विकास के क्रम में आष्टा नगर में शासकीय मेडिकल कालेज खोलने की शीघ्र घोषणा करें ।