एस पाटीदार रिपोर्टर




लोकेशन:-मनावर।
विओ :—-सद्गुरुदेव की अमृतवाणी परिपूर्ण होकर प्रत्येक शिष्य के लिए लाभदायक होती है।
गुरुपूर्णिमा के पावन पर्व पर सदगुरुदेव भगवान के श्री चरणों मे कोटि कोटि दंडवत प्रणाम।श्री नरहरि योगी जी महाराज ने कहा कि
“तपस्वी” ‘ गुरु’का शिष्य होना, इस कलिकाल में बड़ा दुर्लभ संयोग है!क्योंकी गुरु ही वह सत्ता है जो व्यक्ति के बुरे से बुरे कर्मों को काटकर उसे गर्त में जाने से बचाए रखता है!वह उससे साधना भी करवाता है और सेवा भी !फिर शिष्य गिरता तो है लेकिन वैसे नहीं जैसे वह बिना गुरु के सानिध्य के गिरता,अगर विश्वास प्रबल है तो कर्म खुशी-खुशी कट जाता है! श्री जगदीश पाटीदार अध्यापक ने गुरू पूर्णिमा के पर्व पर कहा कि गुरु में अपरमित शक्ति होती है, भले ही वह उसका प्रदर्शन ना करें! हमारे गुरू कहते हैं कि “जो गुरु आज्ञा में रहता है उसका रास्ता ब्रह्मा, विष्णु ,महेश भी नहीं रोकते ।बस कर्म शुभ होना चाहिए। श्री राम शर्मा ने भी बौद्धिक दिये। इस अवसर पर संजीवनी पाटीदार, विकास, अनिल वर्मा, सरिता पाटीदार, श्यामा जी, सहायक प्राध्यापक हर्ष पाटीदार ,आयुषी पाटीदार, रामेश्वर पाटीदार, मास्टर मोक्ष, धर्मेन्द्र, योगेश, एवम अन्य गुरू भक्त उपस्थित थे।

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