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Dharmendra Singh

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April 17, 2026

सच दिखाने की हिम्मत

बुद्ध नाथ चौहान रिपोर्टर


परासिया/ परासिया कोयलांचल क्षेत्र में वे,को,ली के कन्हान क्षेत्र मे कि नयी भूमिगत कोयला खदान शारदा परियोजना में शीघ्र ही कोयला निकालने का काम शुरू किया जाएगा खदान में कार्यरत कर्मचारी ने बताया कि ठेकेदार के द्वारा दो मोहरे बनाने का काम पूरा हो गया है ।अब प्रबंधन के द्वारा खदान के भीतर कनवेयर बेल्ट लगाया जा रहा है वहीं एल एच डी मशीन भी डाली जा रही है। इसके अलावा कंटिन्यूज माइनर मशीन भी डालने की योजना है। इस नई खदान में पहले 60 कर्मचारियों को रखा गया है लेकिन अब कर्मचारियों की संख्या लगभग बडकर लगभग 125 हो गई है। खदान में घोड़ा वाड़ी और महाराष्ट की उमरेठ खदान से कर्मचारी तबादले पर आए हैं वहीं पे चं क्षेत्र से भी 50 से अधिक कर्मचारियों का तबादला शारदा खदान में किया गया है ।कोल माइंस लाल झंडा यूनियन सीटू के उपाध्यक्ष अशोक भारती ने बताया कि डेढ़ माह पूर्व मोहरे बनकर तैयार हो गए और खदान में कोयला टच हो गया है ।प्रबंधन के द्वारा कोयला निकालने के लिए आवश्यक मशीनें डालने सहित जरूरी व्यवस्थाओ को पूरा करने के लिए कार्य तेजी से हो रहे हैं। ।।540 कर्मचारियों को रखने की योजना । शारदा परियोजना को खोलने के लिए सबसे पहले गत4 फरवरी 2004 को प्रदेश की तत्कालीन मुख्यमंत्री उमा भारती एवं कोयला राज्य मंत्री पृहलाद पटेल ने भूमि पूजन किया था ।इसके बाद फिर गत19 सितंबर 2008 को केंद्रीय मंत्री कमलनाथ शारदा योजना का परीक्षण किया था। लेकिन गत 6 जून 2020 को जब केंद्र सरकार के कोयला मंत्री पृहलाद जोशी ने खदान का वचुअल भूमि पूजन किया तब ख़दान में दो मोहरे बनाने का काम ठेकेदार के द्वारा शुरू किया गया और 3 वर्ष मे मोहरे का काम पूरा हो गया है ।इस ख़ान को लेकर प्रबंधन ने 56 करोड़ 82 लाख का बजट रखा है। खदान में 547 कर्मचारियों को रखने की योजना है ।खदान में सत्तरलाख नौ हजार टन कोयला का भंडार है। प्रबंधन ने प्रति वरष 378000हजार टन कोयला निकालने का लक्ष्य रखा है। हालांकि जानकार सूत्रों का कहना है कि इस खदान के कोयले का ग्रेड काफी अच्छा नहीं है ।G8एवं G10 है खदान को 23वरष तक चलाने की योजना है। ।।मुआरी और तानसी ख़ान की हालत खराब ।। कोयला खदानों को लेकर कन्हान क्षेत्र की हालत काफी खराब है क्षेत्र में केवल दो भूमिगत खदान मुआरी एवं तानसी परियोजना है लेकिन इन दोनों खदानों को चले हुए 30वरष से अधिक समय हो गया है इसलिए अब दोनों खदानों में कोयला उत्पादन की स्थिति संतोषजनक नहीं है दोनो खाने कभी भी बंद हो सकती है। हालांकि जानकारों का कहना है। कि कन्हान क्षेत्र में दर्जन भर कोल ब्लॉक है लेकिन नई खदाने नहीं खुलने और पिछले वरषो मे पूरानी खदानो के बंद होने के कारण कन्हान क्षेत्र का अस्तित्व खत्म होते जा रहा है ।लेकिन अब नयी खदान शारदा परियोजना कन्हान क्षेत्र के लिए उम्मीद की नयी किरण है ।