किरण रांका रिपोर्टर



*आष्टा /* मां नेवज नदी के उद्गम स्थल व पुरातात्विक धरोहर देवांचल धाम देवबड़ला बीलपान पुरातात्विक दृष्टि से एक महत्वपूर्ण स्थान है यह स्थान अपनी परमार कालीन कलाकृतियों के साथ ही अपनी महिमा पूरे भारत में बढ़ा रहा है मंदिर समिति के अध्यक्ष श्री ओंकार सिंह भगत जी का त्याग तपस्या संघर्ष और कड़ी मेहनत अब रंग लाने लगी है जो सपना भगत जी वर्षों से देख रहे थे वह अब सरकार हो रहा है देवबड़ला स्मारक इंचार्ज कुंवर विजेन्द्र सिंह भाटी ने बताया
आज दिनांक 26 नवंबर को दिल्ली की इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के 20 छात्रों ने प्राचीन शिव मंदिरों देवबड़ला का अवलोकन किया यह छात्र अभी शैक्षणिक भ्रमण पर हैं जो भोपाल और इंदौर के आसपास के जितने भी पुरातत्व का इतिहास के महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं उनका भ्रमण कर रहे हैं अध्ययन कर रहे हैं यह छात्र सभी पुरातत्व विज्ञान और संग्रहालय विज्ञान के छात्र हैं उन्होंने आकर के यहां के परमार कालीन मंदिरों का अध्ययन किया और विशेष ज्ञान अर्जित किया इनमें इन छात्रों का नेतृत्व कर रही है प्रोफेसर किरण चोपड़ा जो उनके साथ ही उनके टीचर्स और साथ में यहां पर विशेष व्याख्यान दिया गया पुरातत्व अधिकारी डॉ रमेश यादव के द्वारा और उनके साथ में थे और जैसा कि उनकी योजना थी और उस हिसाब से उनका भ्रमण करवाया और भविष्य की योजनाओं की बच्चों को जानकारी दी गई

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