Chief Editor

Dharmendra Singh

Office address -: hanuman colony gole ka mandir gwalior (m.p.) Production office-:D304, 3rd floor sector 10 noida Delhi Mobile number-: 9806239561, 9425909162

February 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
232425262728  
February 16, 2026

सच दिखाने की हिम्मत

सलग:मोहखेड़ में तहसील भवन निर्माण में गुणवत्ता का नहीं रखा जा रहा ध्यान/संवाददाता/पंकज राधेश्याम दुबे

लोकेशन मोहखेड़

पूर्व विधायक कि शिकायत के बाद एसडीओ ने मिट्टी व बड़े पत्थर हटाने के दिए निर्देश

मोहखेड़:-विकासखंड मोहखेड़ मुख्यालय पर बन रहे तहसील कार्यालय भवन में गुणवत्ता को ताक पर रखा जा रहा है। क्षेत्र व ग्रामीणों की सुविधा को देखते हुए प्रदेश सरकार के द्वारा मोहखेड़ में तहसील निर्माण की स्वीकृति दी और जिस कंपनी को निर्माण का ठेका मिला है वह घटिया निर्माण कर रहा है।मोहखेड की 79 पंचायतो के लोगों को सुविधा मिले इस उद्देश्य से मध्य प्रदेश सरकार के द्वारा तहसील भवन का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। जिससे लोगों को बाद में और ठेकेदार को पहले लाभ पहुंच रहा है। शासन के जिन मापदंडों के अनुरूप ठेका कंपनी को निर्माण कार्य करना था। उसके विपरीत जाकर कार्य कर किया जा रहा है। पीआईयू के अधिकारी गुणवत्ता को ताक पर रखकर किए जा रहे निर्माण कार्य को देखने की जहमत तक नहीं उठा रह हैं। इसके चलते ठेका कंपनी अपनी मनमानी कर रही है।

पूर्व विधायक के निरिक्षण के बाद पहुचे एसडीओ

मोहखेड़ क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणजनो कि शिकायत पर विगत दिवस सौंसर पूर्व विधायक नानाभाऊ मोहोड़ द्वारा नवनिर्माण हो रहे तहसील भवन निर्माण का औचक निरीक्षण कर सबंधित पीआईयू विभाग के एसडीओ से दूरभाष पर चर्चा कर भवन निर्माण कार्य ठीक से करवाने के दिशानिर्देश दिए गये।वही देरशाम एसडीओ सुनील श्रीवास्तव ने निर्माण का जायजा लिया.ठेकेदार द्वारा प्लेंथ में भरी जा रही मिट्टी व बड़े पत्थर को तत्काल बहार किए जाने को ठेकेदार को निर्देशित किया गया.

सूचना पटल न लगने से ग्रामीणों को नहीं मिल पाती शासकीय निर्माण कार्यों की जानकारी

पीआईयू विभाग द्वारा तहसील भवन का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। प्रारंभ करने से पहले कार्य स्थल में सूचना पटल लगाया जाता है, लेकिन विभाग द्वारा यहां निर्माण कार्य से संबंधित कोई जानकारी नहीं दी गई है। इससे लोगों को भवन के लागत की जानकारी नहीं मिल पा रही है। वहीं विभाग के अधिकारी भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। जिससे ठेकेदार निर्माण कार्य में मनमानी कर रहा है।