
, सौंसर मोहगांव। शिव का अर्थ ही कल्याणस्वरूप और कल्याण प्रदाता है। परमब्रम्ह के इस कल्याण रूप की उपासना उच्च कोटि के सिद्धों,
आत्मकल्याणकामी साधकों एवं सर्वसाधारण आस्तिक जनों सभी के लिये परम मंगलमय, परम कल्याणकारी, सर्वसिद्धिदायक और सर्वश्रेयस्कर है। शास्त्रों मे उल्लेख मिलता है कि, देव, दनुज, ऋषि, महर्षि, योगीन्द्र, मुनीन्द्र, सिद्ध गंधर्व ही नही अपितु ब्रम्हा-विष्णू तक इन महादेव की उपासना करते. शिव का अर्थ कल्याण स्वरूप है : महंत
संगी
है। इस पुराण के अनुसार यह पुराण परम उत्तम शास्त्र है।
इसे इस भूतल पर भगवान शिव का वाडमय स्वरूप समझाना चाहिये। इसका पठन और श्रवण सर्वसाधनरूप है उक्ताशय का सुप्रसिद्ध अर्धनारीश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर मोहगांव हवेली में चल रहे शिवमहापुराण में महंत राधेष्याम महाराज ने कहे। मंहत राधेश्याम महाराज ने कहा कि, शिवभक्ति पाकर श्रेष्ठतम स्थिति में पहुंचा हुआ मनुष्य शीघ्र ही शिवपद को प्राप्त कर लेता है। इसका प्रेमपूर्वक श्रवण संपूर्ण मनोवांछित फ्लों को देनेवाला है। आज इस महाशिवपुराण में पांढुर्णा कलेक्टर अजय देव शर्मा सपत्निक पहुचे। इस दौरान भागवताचार्य मुत्रा महाराज पालीवाल, मंदिर कमेटी समिति के पदाधिकारी उपस्थित थे।

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