आष्टा में अपने पिता की मृत्यु के बाद उनकी इक्षानुरूप तीनों बहनों ने दिल पर पत्थर रखकर पिता की देहदान कर समाज में अनूठी मिसाल पेश की।
आष्टा /किरण रांका
नगर में इंदौर निवासी प्रकाशचंद जी गोखरू एवम उनकी पत्नी अपनी बेटी श्रीमती अनुराधा बसंत सुराना के यहां आष्टा में ही रहते थे दो बेटियां श्रीमती सपना ताटेड चंद्रपुर महाराष्ट्र,श्रीमती एकता खठोड़ वणी महाराष्ट्र में रहती हैं।
श्री कैलाश चंद जी गोखरू का दुखद दहावसान सोमवार को रात्रि 5:00 बजे बसंत कुमार जी सुराणा के निवास पर हो गया था। परिवार के सूत्रों ने बताया कि उनकी एक बेटी सुबह ही अपने ससुराल गई थी।
पिता की मृत्यु के बाद उनकी इछानुसार निश्चित ही निर्णय कठिन था फिर भी तीनों बहनों ने मानवता की मिसाल कर अपने पिता की देहदान करने का निर्णय लेकर सबको चौंका दिया साथ ही किसी प्रकार का उठवाना वा शोकनिववारण का कार्यक्रम न करने का निर्णय भी लिया।
श्री गोखरू का विवाह आष्टा के प्रसिद्ध संचेती परिवार में हुआ था। कुछ समय से आष्टा में निवासरत थे,मृदुभाषी सभी में मिल जाने वाले शक्सियत थे गोखरूजी। कम समय में अच्छी पहचान बना ली थी।
भोपाल के प्रसिद्ध चिरायु अस्पताल को उनकी देहदान की गई।


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