लोकेशन – सरदारपुर
सात दिन तक भागवत कथा श्रवण कर महाराज परीक्षित को मोक्ष की प्राप्ति हुई-पडिंत पाठक*

सरदारपुर- राजोद सात दिवसीय श्री मद्भागवत महापुराण का समापन गुरुवार को हुआं। पितृ शांति निमित दीपक वीर एवं वीर परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद भागवत कथा विश्रान्ति दिवस पर श्रीकृष्ण के सोलह हजार एक सौ आठ विवाह की कथा सुनाते हुवे कथा व्यास पाठक द्वारा कहा गया कि भौमासुर नामक असुर के बन्दीगृह से सोलह हजार एक सौ राज कुमारियों को भगवान कृष्ण ने मुक्त करवाया ओर वे सम्मान के साथ समाज मे रह सके इस लिए सभी को अपनी पत्नी स्वीकार कर लिया । क्योकि ये राजकुमारियां भौमासुर की कैद में रहकर आयी है इसलिए इनसे विवाह करने के लिए कोई तैयार नही होगा । पति अर्थ केवल मांग में सिंदूर भर देना या गले में मंगल सूत्र बांध देना नही होता पति का अर्थ होता है स्वामी पति का अर्थ होता है रक्षक ओर सबके रक्षक भगवान है। अगर श्री कृष्ण के रहते ।हुवे ये राज कुमारिया यदि आत्म हत्या कर लेती या किसी गलत मार्ग पर चली जाती तो तो समाज मे कितनी बड़ी विकृति फेल जाती। यदुवंशियों ने संतों का अपमान किया तो संतों के श्राप से यदुवंश का नाश हो गया और छप्पन करोड़ यादव आपस मे लड़ कर भगवान की आखों के सामने नष्ट हो गए।
सरदारपुर से राहुल राठोड़

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