लोकेशन – सरदारपुर
कैसे शुद्ध होगी राजोद कि मोक्षदायिनी कोटेश्वरी नदी श्री शीतला माता मंदिर साजोद के समीप तट पर सुखी बेबस कोटेश्वरी नदी का कैसे होगा सौन्दर्यकरण तथा बारिश में छोटी पुलिया पर आवागमन से घटित होती जन हानि की समस्या से कब होगी मुक्ति*

*राजोद मोक्षदायिनी कोटेश्वरी नदी अपने अस्तित्व को लेकर विगत 30 वर्षों से संघर्ष कर रही है*
सरदारपुर से राहुल राठोड़
सरदारपुर-राजोद मोक्षदायिनी कोटेश्वरी नदी अपने अस्तित्व को लेकर विगत 30 वर्षों से संघर्ष कर रही है।सन 1995 के दशक के पुर्व यह कोटेश्वरी नदी नगरवासियों के शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के साथ धार्मिक संस्कार एवं ध्यान ज्ञान एवं जल क्रीड़ा की केंद्र व आम लोगों की आस्था का केंद्र है पवित्र कोटेश्वरी नदी क्या सरकार के दो दिन के नमामि गंगे अभियान चला ने से शुद्ध होगी कोटेश्वरी नदी या सरकार के पैसे लगा कर खाली एक अभियान चला कर फोटो खींचकर सरकार की उपलब्धि को दिखाना था क्या वास्तव में सफाई होंगी । वर्षो से ग्राम पंचायत राजोद-साजोद की लापरवाही एवं अतिक्रमण के बढ़ते कारण कल कल बहती कोटेश्वरी नदी नाले के रूप में तब्दील होने के कारण नगर की नालियों का पानी है कि कोटेश्वरी नदी में जाता है और नदी है कि नालें में तब्दील हो गई है और मध्यप्रदेश सरकार द्वारा नमामि गंगे अभियान के दौरान दो दिनों के इस अभियान में तीन से चार जेसीबी मशीन व दस से पंद्रह टैक्टर से सफाई अभियान चला गया फिर भी कोटेश्वरी नदी में सफाई नहीं हुई तो फिर सरकार को फोटो की ही जरूरत थी पैसे खर्च करने का क्या फायदा। क्या कोटेश्वरी नदी की हो पाएगी सफाई।
सरदारपुर से राहुल राठोड़ की रिपोर्ट

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