आष्टा -:
फुल माली समाज ने हमेशा पथ प्रदर्शक के दायित्व का निर्वहन किया है। ………कैलाश परमार पुर्व नपाध्यक्ष

फुल माली बागवान समाज का द्वितीय जिला प्रतिभा सम्मान समारोह समाज जन एवं विशिष्ट जन की उपस्थिति में सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ, जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में अग्रणी तथा विशिष्ट विद्यार्थी गण का गुलाब सिंह बागवान अध्यक्ष, मोहन लाल सैनी जिला अध्यक्ष सोशल ग्रुप मनोहर बागवान अध्यक्ष आयोजन समिति उपाध्यक्ष लाड़ सिंह बागवान ने शील्ड प्रतीक चिन्ह तथा पुष्प माला से सम्मान किया, साथ ही कार्यक्रम के विशेष अतिथि गण का भी स्वागत सम्मान साफे एवम पुष्प माला पहना कर किया , कार्यक्रम का संचालन जगदीश बागवान ने किया, प्रतिभा सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महा सचिव पूर्व नपाध्यक्ष कैलाश परमार ने कहा की आज़ादी के वर्षो पूर्व फुलमाली बागवान समाज में जन्में ज्योति बा फूले श्री मति सावत्री बाई फुले दंपती ने खुद के समाज के साथ अन्य समाजों में भी कुरीतियों को मिटाने और बालिकाओं को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ा कर इतिहास में अपना नाम अमर कर लिया था । माली समाज के ज्योतिबा फूले और श्रीमती सावित्री बाई फूले के कार्यों से सामाजिक और राजनीतिक चेतना बढ़ी थी । उनके कार्य हमे यह प्रेरणा देते है कि कोई भी नया और जरूरी कार्य करने में जाति और धर्म आड़े नही आते । इच्छा शक्ति दृढ़ हो किसी भी जाति का व्यक्ति समाज को नई दिशा दे सकता है । श्री परमार ने आगे कहा कि फूलमाली समाज के बेटे बेटियां अपनी प्रतिभा से समाज का नाम रोशन कर रहे है उनके प्रोत्साहन के लिये ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन भी समाज मे बढ़ती जागरूकता का उदाहरण है ।
कार्यक्रम में पूर्व पार्षद नरेंद्र कुशवाह ने कहा कि मैं कुशवाह समाज से आता हूँ हमारे और माली समाज के कार्य व्यवसाय में बहुत सारी समानता है । बदलते परिवेश में हमे मिलजुल कर काम करने और शिक्षा तथा सेवा के क्षेत्र मे आगे बढ़ने की जरूरत है ।
सियाराम पैलेस में आयोजित हुए इस जिला स्तरीय प्रतिभा सम्मान समारोह में बड़ी संख्या में समाज जन , नगर के गणमान्य नागरिक गण जनप्रतिनिधि गण तथा फूलमाली समाज के प्रतिभावान बच्चे मौजूद थे
आष्टा से किरन रांका की रिपोर्ट

More Stories
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने किया दस्तक अभियान का शुभारंभ
महाशिवरात्रि पर्व बड़े धूमधाम से मनाया शिव की भक्ति लीन*
माता पिता का ऋण हम जिवन पर्यन्त नही उतार सकते- पंडित पाठक