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Dharmendra Singh

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February 14, 2026

सच दिखाने की हिम्मत

रोहित चंचलानी हत्याकांड: चार आरोपी सलाखों के पीछे, लेकिन मास्टरमाइंड प्रकाश आहूजा पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं? — बहन की चीख और जनता का गुस्सा सवालों में बदल रहा

रोहित चंचलानी हत्याकांड: चार आरोपी सलाखों के पीछे, लेकिन मास्टरमाइंड प्रकाश आहूजा पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं? — बहन की चीख और जनता का गुस्सा सवालों में बदल रहा

कटनी।
माधव नगर के बीच बाजार में बीते दिनों रात करीब 11 बजे हुई रोहित चंचलानी की निर्मम हत्या ने शहर को भीतर तक झकझोर दिया है। चार नामजद हमलावरों को पुलिस ने हिरासत में लेकर जेल भेज दिया है, लेकिन इस हत्याकांड के कथित मास्टरमाइंड बॉम्बे होटल संचालक प्रकाश आहूजा को अब तक पुलिस ने छुआ तक नहीं। यह स्थिति जनता के आक्रोश और पुलिस पर उठ रहे गंभीर सवालों को हवा दे रही है।

सोशल मीडिया ने खोली पुलिस की पोल
माधव नगर थाना प्रभारी द्वारा शुरुआत में तीन आरोपियों की गिरफ्तारी का दावा किया गया, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों और पोस्टों से साफ हुआ कि आरोपियों ने खुद आत्मसमर्पण किया था। आरोप है कि पुलिस ने इसे गिरफ्तारी दर्शाकर फोटोशूट कराया ताकि “कार्यवाही” का दिखावा किया जा सके। इसके बाद चौथे आरोपी की गिरफ्तारी की भी मीडिया को जानकारी नहीं दी गई — क्या पुलिस किसी को बचाने की कोशिश में है?

प्रकाश आहूजा पर आरोप, लेकिन एफआईआर से नाम गायब
मृतक रोहित की बहन ने स्वयं कटनी एसपी कार्यालय पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसमें प्रकाश आहूजा को हत्या का मास्टरमाइंड बताया गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने थाने के सामने चिल्लाकर गवाही दी, लेकिन ना FIR में उसका नाम दर्ज हुआ, ना गिरफ्तारी हुई। सूत्रों के अनुसार, राजनीतिक और आर्थिक दबाव के चलते प्रकाश आहूजा को शुरुआती जांच से ही बाहर रखा गया।

नोटिस थमा, लेकिन उपस्थिति शून्य
थाना पुलिस ने जांच के नाम पर प्रकाश आहूजा को नोटिस जरूर थमाया है, लेकिन वह न तो थाने में उपस्थित हुआ, न ही मीडिया या जांच एजेंसियों के समक्ष कोई पक्ष रखा है। इस खुली अवमानना के बावजूद पुलिस की चुप्पी कई संदेहों को जन्म दे रही है।

बहन की चीख, जनता का गुस्सा — न्याय की मांग तेज
रोहित की बहन रो-रो कर मीडिया और जनता से न्याय की गुहार लगा रही है। उनका सवाल सीधा है — “आख़िर कब तक गरीबों के साथ न्याय नहीं होगा?” कटनी की जनता भी यह जानना चाहती है:

क्या पैसे और राजनीतिक रसूख के दम पर कोई हत्या का मास्टरमाइंड बच सकता है?

क्या सिंधी समाज के एक गरीब परिवार की बेटी की पुकार सरकार तक पहुंचेगी?

क्या पुलिस चार लोगों की गिरफ्तारी दिखाकर मामले से हाथ धो लेगी?

क्या बोलेगा कानून? क्या बोलेगी सरकार?
कटनी शहर की निगाहें अब प्रशासन, सरकार और न्यायिक तंत्र पर टिकी हैं। क्या न्याय का तराजू इस बार भी पैसों के वजन से झुकेगा? या फिर रोहित की हत्या के पीछे जो भी दोषी है — उसे कानून के कठघरे में लाया जाएगा?

न्यूज़ 24×7 इंडिया  इस पूरे घटनाक्रम पर लगातार नज़र बनाए हुए है और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की हर संभव कोशिश करती रहेगी।