आष्टा/किरण रांका

समाज में फैली कुरीतियों को समाप्त करने के निम्न चर्चित बिंदू रहे
1.गोला प्रथा बंद कर नारियल जो कि शुभ माना जाता है उसके द्वारा रक्षा बंधन मनाया जाए।
जिससे हमारी बहन बेटियों को मजबूर होकर ज्यादा खर्च ना करना पड़े
ये समाज की बहन बेटियों को समझना होगा,पर विशेष ध्यानाकर्षित किया गया
2.शादी,ब्याह में डीजे पर सख्त पाबंदी लगाई गई है
उसके स्थान पर बैंड -बाजे या सादा कार्यक्रम किया जावेगा
ना मानने पर दंड का प्रवधान भी रखा गया है।
3.नुक्ते छोटे रुप में किया जावे,जो हमें कर्जवान न बनाए।इस पर भी लगाम लगाई गई है।इसके लिए परिवार पर कुटुम्ब के कोई दबाव नहीं डाल सकेगा।
साथ ही पगड़ी प्रथा पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया है
4.परिवार में बेटी -बहु की गोद में नन्हे शिशु के जन्म के पश्चात सूरज पूजा प्रथा है जो रुढ़िवादी है
ओर इसका परिवार पर भारी बोझ पड़ता है,पर भी रोक लगाई गई है ।।
जो उपस्थित जनसमुदाय ने अपनी सहमति दी और इसका पालन करने का भी बीड़ा उठाया गया
और समाज को एकजुट होकर रहने, एकता, भाईचारे से रहने एक दूसरे के दुःख दर्द में सहयोगी बनें
सौ आज का कार्यक्रम सफल रहा अध्यक्षता कर रहे सम्माननीय श्री कुराड़िया साहब ने समाज के सभी उपस्थित महानुभावों का आभार व्यक्त करते हुए मंगल कामनाएं की गई
ओर अंत में जांगड़ा ब्लाक आष्टा की टीम गठित की गई जिसका नाम्नीकरण अध्यक्ष महोदय द्वारा किया गया और सभी का पुष्प मालाओं से स्वागत किया

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