गुना
25/09/2025
विश्वगीताप्रतिष्ठानम्, गीता संस्कृत स्वाध्याय मंडल द्वारा पिछले रविवार को वलवंतनगर स्थित अटल पार्क में शाम 4 बजे गीता स्वाध्याय का कार्यक्रम हुआ। यह स्वाध्याय

गीताजी के ग्यारहवे अध्याय विश्वरूप दर्शन योग के 12वें श्लोक सहित अगले ग्यारह श्लोकों पर केंद्रित रहा। इन श्लोकों की व्याख्या करते हुए सुभाष त्रिवेदी ने कहा कि भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन को दिव्य दृष्टि देकर विराट रूप के दर्शन कराये तब अर्जुन विस्मित होकर कहते है कि भगवान मैं आपके आदि मध्य और अंत को नहीं देखता हूं l धर्म रक्षक सनातन पुरुष है आपके विराट स्वरूप को देखकर सभी भयंकर क्रांति लग रहे हैं आप ही जानने योग्य है। सुभाषित
केशव बैरागी ने प्रस्तुत करते हुए भगवान से कल्याण की कामना की।
अमृत वचन प्रस्तुत करते हुए उमाशंकर भार्गव ने कहा कि गो माता ,ब्राह्मण और संतों के लिए भगवान अवतार लेते हैं इनको जो कष्ट पहुंचाता है वह सदैव दुखी रहता है । प्रेरक प्रसंग लखन नामदेव ने प्रस्तुत कर स्पष्ट किया की गीता और रामायण एक दूसरे के पूरक है। रामायण में जहां एक ओर भगवान राम शांति दूत भेज कर निर्दोषों को मरने से बचाना चाहते हैं वहीं महाभारत में श्री कृष्ण स्वयं शांति दूत बनकर सभा में जाते हैं l आगामी रविवार को अटल पार्क में शाम 4:00 बजे गीता स्वाध्याय का आयोजन होगा जिसके लिए यजमान मुन्नालाल साहू ने गीता की गरिमामय आगवानी करते हुए समस्त गीता प्रेमियों से स्वाध्याय में सम्मिलित होने का आग्रह किया है l
मनोज शर्मा
प्रचार प्रमुख
मो. 9037871197
गीतास्वाध्याय मंडल गुना

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