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Dharmendra Singh

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April 2, 2026

सच दिखाने की हिम्मत

बाकल ग्राम पंचायत में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, स्टॉप-डैम निर्माण पर उठे सवाल

आदरणीय विधायक जी

बाकल पंचायत में जो स्टाफ डेम बने हुए हैं, उनमें खिड़की कब लगेंगी — या डर है कि कहीं बह न जाएं……..?

कटनी जिले की बहोरीबंद जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाली बाकल ग्राम पंचायत में भारी भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत में सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध होने के बावजूद फोटो कॉपी जैसे सामान्य कार्य भी बाहर से कराए जा रहे हैं, जिनके बिल अत्यधिक बताए जा रहे हैं।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि ई-रिक्शा के नाम पर फर्जी बिल काटे जा रहे हैं, जबकि ऐसे किसी वाहन का वास्तविक उपयोग दिखाई नहीं देता। कई मामलों में चाय–समोसे तक के बिल पंचायत में लगे हुए हैं , जिससे खर्चों की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।

ग्रामवासियों का कहना है कि सरपंच स्वयं को “ईमानदारी की चादर ओढ़े बैठा” बताते हैं, साथ ही वह सरपंच फोरम के अध्यक्ष भी हैं, लेकिन पंचायत की जमीनी स्थिति इससे उलट है। उनके अनुसार, पंचायत में किए जा रहे कार्यों में बड़े पैमाने पर अनियमितताएँ दिखाई दे रही हैं, जिन पर अभी तक किसी अधिकारी ने ध्यान नहीं दिया है।
24 लाख की लागत से बना स्टॉप डैम खुला खड़ा, खिड़की तक नहीं लगाई गई

कुछ ही दिन पहले पंचायत में लगभग 24 लाख रुपये की लागत से एक स्टॉप डैम बनाया गया था। ग्रामीणों का आरोप है कि इस निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया, जिसके कारण आज भी यह अधूरा और खुला पड़ा है।

डैम की खिड़की तक नहीं लगाई गई है। ग्रामीणों के मुताबिक, पंचायत को डर है कि खिड़की लगाने पर पानी का तेज बहाव खराब निर्माण की पोल खोल देगा, इसलिए इसे अधूरा ही छोड़ दिया गया।

स्थानीय लोगों ने बताया कि स्टॉप डैम बनने की खबर पर खुशी जताई गई थी, क्योंकि उनसे उम्मीद थी कि पानी रुकने से सिंचाई में मदद मिलेगी। लेकिन अब ग्रामीणों का कहना है कि डैम से उन्हें फायदा नहीं, बल्कि निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर संदेह खड़े हो गए हैं।

ग्रामीणों का सीधे तौर पर आरोप है कि कमीशन आधारित कार्यशैली में यह डैम बनाया गया है, इसलिए इसकी हालत शुरू से ही सवालों के घेरे में है