गांव से रामलला तक श्रद्धा का सफ़र: 1365 किमी की पदयात्रा में युवाओं ने रचा आस्था का इतिहास



रामभक्ति, राष्ट्रभाव और संकल्प की मिसाल: बैतूल से अयोध्या तक दो युवाओं की ऐतिहासिक पदयात्रा
पनागर | कुशनेर :-अमित परौहा की।
(विशेष रिपोर्ट)
जब संकल्प में श्रद्धा हो, कदमों में आस्था हो और हृदय में राष्ट्रभाव—तो साधारण यात्रा भी इतिहास बन जाती है। मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के एक छोटे से गांव से निकले दो युवा धनंजय सिंह ठाकुर और केशव मुरले ने कुछ ऐसा ही कर दिखाया है। दोनों युवा 1365 किलोमीटर की लंबी पदयात्रा सिर्फ 21 दिनों में पूरी करने का दृढ़ निश्चय लेकर अयोध्या धाम की ओर अग्रसर हैं। उनका लक्ष्य है—श्रीराम जन्मभूमि में रामलला के दर्शन, वह भी उस पावन समय में जब 500 वर्षों के संघर्ष के बाद भव्य श्रीराम मंदिर का निर्माण पूर्ण हुआ है।
यह पदयात्रा केवल दूरी तय करने की कहानी नहीं, बल्कि आस्था, त्याग और समर्पण की जीवंत मिसाल है। यात्रा के दौरान दोनों युवा देशभर के 1314 गांवों की पवित्र मिट्टी और 103 नदियों का जल एकत्र कर प्रभु श्रीराम के चरणों में अर्पित करेंगे। यह संकल्प भारत की सांस्कृतिक एकता, सामाजिक समरसता और पर्यावरण चेतना को सशक्त रूप से दर्शाता है।
पदयात्रा के दौरान जब दोनों युवा पनागर के कुशनेर क्षेत्र पहुंचे, तो माहौल भक्तिमय हो उठा। स्थानीय पत्रकार अमित परौहा एवं सौरव मिश्रा ने आत्मीयता के साथ स्वागत कर स्वल्पाहार अर्पित किया और युवाओं के साहस व संकल्प को नमन किया। स्थानीय नागरिकों ने भी पुष्पवर्षा, शुभकामनाओं और जय श्रीराम के उद्घोष के साथ पदयात्रियों का उत्साहवर्धन किया।
यह यात्रा केवल अयोध्या पहुंचने का मार्ग नहीं, बल्कि युवा शक्ति के चरित्र, राष्ट्रप्रेम और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है। ऐसे प्रयास समाज को जोड़ते हैं, विश्वास को सुदृढ़ करते हैं और आने वाली पीढ़ियों को यह सिखाते हैं कि सेवा, समर्पण और सद्भाव ही भारत की आत्मा है।

More Stories
आष्टी गाव में ST महामंडळ के गैर जिम्मेदारी से निजी वाहन चालक की बढ रही मनमानी
चपाराळा वन्यजीव अंतर्गत फ़ॉरेस्ट गार्ड द्वारा ईल्लूर परिक्षेत्र में लोगो की हो रही उपेक्षा
अमर भाऊ बोडलावार और श्रीमती वैष्णवी अमर बोडलावार द्वारा मकर संक्रांती की गाववासीयो को हार्दिक शुभकामनाये