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Dharmendra Singh

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April 12, 2026

सच दिखाने की हिम्मत

महाराष्ट्र राज्य जिला गडचिरौली में ‘एकीकृत वाडी आधारित कृषि परियोजना’ को मंजूरी पर, मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस की अनोखी पहल….

महाराष्ट्र राज्य जिला गडचिरौली में ‘एकीकृत वाडी आधारित कृषि परियोजना’ को मंजूरी पर, मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस की अनोखी पहल….

 

आदिवासी बहुल गडचिरौली जिले में स्थायी आजीविका के लिए महत्वाकांक्षी ‘एकीकृत वाडी आधारित कृषि परियोजना’ (Integrated Wadi Based Farming Project) लागू की जा रही है। इस परियोजना के लिए नाबार्ड (NABARD) की ओर से ₹3.28 करोड़ की निधि मंजूर की गई है।

परियोजना का मुख्य विवरण:

स्थान: यह परियोजना धानोरा तालुका के गोटा क्लस्टर में लागू की जाएगी।

लाभार्थी: 15 गाँवों के कुल 475 आदिवासी परिवारों को इस उपक्रम का सीधा लाभ मिलेगा।

कार्यकारी संस्था: इस परियोजना का कार्यान्वयन ‘वॉटरशेड ऑर्गनाइजेशन ट्रस्ट’ (WOTR) संस्था के माध्यम से किया जाएगा।

उद्देश्य और रूपरेखा:

इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित माध्यमों से आदिवासी परिवारों की आय बढ़ाना है:

स्थायी कृषि पद्धतियां।

जल और मृदा संरक्षण (Water and Soil Conservation)।

बहु-फसली खेती और बागवानी विकास।

पशुपालन और अन्य पूरक व्यवसाय।

वित्तीय ढांचा (Budget):

परियोजना का कुल बजट लगभग ₹4.35 करोड़ है l

 

जिसका विवरण इस प्रकार है:

 

आदिवासी विकास को नई ताकत

मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस ने आदिवासी क्षेत्रों में खेती और आजीविका के अवसरों को बढ़ाने के लिए विशेष ध्यान केंद्रित किया है। इसी नीति के हिस्से के रूप में इस परियोजना को लागू किया जा रहा है। इसके माध्यम से, दुर्गम और नक्सल प्रभावित माने जाने वाले गढ़चिरौली जिले में कृषि आधारित एक ‘स्थायी आर्थिक चक्र’ (Sustainable Economic Cycle) बनाने के राज्य सरकार के संकल्प को रेखांकित किया गया है।

अपेक्षित परिणाम:

आदिवासी परिवारों की वार्षिक आय में वृद्धि।

स्थायी और जलवायु-परिवर्तन के अनुकूल कृषि पद्धतियों का प्रसार।

प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण।

महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों (SHGs) की सक्रिय भागीदारी।

स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन।

मुख्य बिंदु: यह परियोजना केवल आर्थिक मदद तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दीर्घकालिक विकास की नींव को मजबूत करने वाली है। शासन, नाबार्ड (NABARD) और स्वयंसेवी संस्थाओं के समन्वय से गढ़चिरौली के आदिवासी भाइयों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद जताई जा रही है।

 

महेश पां

डुरंग शेंडे की रिपोर्ट….