कटनी में नारी शक्ति का परचम: प्रशासन से पुलिस तक हर क्षेत्र में महिलाएं बना रहीं नई पहचान
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अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर जिले की सफल महिला अधिकारियों की प्रेरक कहानी, नेतृत्व और सेवा से समाज को दे रहीं नई दिशा
कटनी।
8 मार्च को पूरी दुनिया में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। यह दिन महिलाओं की उपलब्धियों, संघर्ष और समाज निर्माण में उनके महत्वपूर्ण योगदान को सम्मानित करने का अवसर है। कटनी जिले में भी महिलाएं अब घर की चारदीवारी से निकलकर प्रशासन, पुलिस, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और सामाजिक क्षेत्रों में अपनी मजबूत पहचान बना रही हैं। अपनी मेहनत, प्रतिभा और नेतृत्व क्षमता से वे समाज में बदलाव की नई मिसाल पेश कर रही हैं।
जिले में कई महिला अधिकारी महत्वपूर्ण पदों पर कार्य करते हुए न केवल अपनी जिम्मेदारियों का बेहतर निर्वहन कर रही हैं, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत भी बन रही हैं। जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी आईएएस हरसिमरनप्रीत कौर और नगर निगम आयुक्त आईएएस तपस्या परिहार जैसे अहम पदों पर रहकर प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ महिलाओं के नेतृत्व को भी नई पहचान दे रही हैं।
महिलाओं को सशक्त बनाना प्रशासन की प्राथमिकता
जिला पंचायत सीईओ आईएएस हरसिमरनप्रीत कौर ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस महिलाओं के साहस, परिश्रम और समाज निर्माण में उनके योगदान को सम्मान देने का दिन है। उन्होंने बताया कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी क्षमता का परिचय दे रही हैं। जिला प्रशासन का उद्देश्य महिलाओं को केवल सम्मान देना ही नहीं बल्कि उन्हें सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक रूप से सशक्त बनाना भी है। महिला स्व-सहायता समूहों को प्रोत्साहन, आजीविका संवर्धन, शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं को हर महिला तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
दृढ़ संकल्प से हासिल की सफलता
नगर निगम आयुक्त आईएएस तपस्या परिहार किसान परिवार से ताल्लुक रखती हैं और वर्ष 2017 की यूपीएससी परीक्षा में ऑल इंडिया 23वीं रैंक हासिल कर जिले का नाम रोशन कर चुकी हैं। उन्होंने कहा कि कभी भी किसी व्यक्ति को जेंडर के आधार पर नहीं देखना चाहिए। हर व्यक्ति को अपनी क्षमताओं को बढ़ाने और अपने लक्ष्य को पाने के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए। दृढ़ निश्चय और मेहनत से हर सफलता संभव है।
गंगाजल मूवी से मिली पुलिस सेवा की प्रेरणा
महिला थाना प्रभारी निरीक्षक वर्षा सोनकर पीड़ित महिलाओं और बच्चियों को न्याय दिलाने के लिए लगातार काम कर रही हैं। उन्होंने बताया कि बचपन से ही चुनौतियों का सामना करना उनकी आदत रही है। फिल्म गंगाजल देखने के बाद पुलिस अधिकारी बनने की प्रेरणा मिली और उन्होंने तैयारी शुरू कर दी। वर्ष 2010 में उप निरीक्षक पद पर चयनित होने के बाद आज वे निरीक्षक के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं।
महिला सुरक्षा को प्राथमिकता
कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक राखी पांडेय भी शहर में बेहतर पुलिसिंग की मिसाल पेश कर रही हैं। उन्होंने बताया कि बचपन से ही पुलिस की वर्दी उन्हें आकर्षित करती थी। पिता सेना में थे, इसलिए अनुशासन और सेवा की भावना परिवार से ही मिली। उनका कहना है कि महिलाओं को अपने अधिकारों को समझकर हर क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहिए।
न्याय और सुरक्षा के लिए तत्पर
सीएसपी नेहा पच्चीसिया भी खाकी वर्दी में महिलाओं, बच्चियों और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए लगातार कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस सेवा ऐसा क्षेत्र है जहां से समाज में न्याय और सुरक्षा सुनिश्चित करने का अवसर मिलता है। उनका लक्ष्य महिलाओं और बुजुर्गों को सुरक्षित वातावरण प्रदान करना है।
हर क्षेत्र में बढ़ रही महिलाओं की भागीदारी
महिला एवं बाल विकास विभाग की सहायक संचालक वनश्री कुर्वेती भी प्रशासनिक सेवा के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनकर हर क्षेत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज करानी चाहिए और देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
ये महिलाएं भी बन रहीं प्रेरणास्रोत
कटनी जिले में कई अन्य महिला अधिकारी भी अपने कार्यों से समाज के लिए प्रेरणा बन रही हैं। इनमें डिप्टी कलेक्टर निधि गोहल, ज्योति लिल्हारे, विंकी सिंहमारे, नजूल तहसीलदार नेहा जैन, गर्ल्स कॉलेज की प्राचार्य डॉ. चित्रा प्रभात, जिला उद्योग केंद्र की प्रबंधक ज्योति सिंह, महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रतिभा पांडेय, कृषि विभाग की उप संचालक अरुणिमा सेन और लोक निर्माण विभाग की कार्यपालन यंत्री शारदा सिंह शामिल हैं।
इसके अलावा नायब तहसीलदार अवंतिका तिवारी, साक्षी शुक्ला, अनुराधा सिंह, सारिका रावत और आकांक्षा चौरसिया भी अपने दायित्वों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करते हुए महिलाओं के लिए प्रेरणा बन रही हैं।
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर इन महिलाओं की सफलता यह संदेश देती है कि यदि अवसर और दृढ़ इच्छाशक्ति मिले तो महिलाएं किसी भी क्षेत्र में नई ऊंचाइयां हासिल कर सकती हैं और समाज व देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

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