कटनी में जमे पुलिस कर्मियों पर उठे सवाल: वर्षों से एक ही थाना-चौकी में डटे आरक्षक,और प्रधान आरक्षक जनता ने उठाई तबादले की मांग
कटनी। जिले के विभिन्न थाना और चौकियों में वर्षों से जमे पुलिस कर्मियों को लेकर अब आम जनता के बीच आक्रोश बढ़ता जा रहा है। आरोप है कि कई आरक्षक और प्रधान आरक्षक 5 से 10 साल से एक ही स्थान पर पदस्थ हैं और अपनी “जन्मभूमि” बनाकर बैठे हैं, जिन्हें हटाने की किसी अधिकारी में हिम्मत नहीं दिखाई देती।
सूत्रों के अनुसार, लंबे समय से एक ही स्थान पर जमे इन पुलिस कर्मियों की कथित अवैध कमाई का नेटवर्क इतना मजबूत हो चुका है कि उनके तबादले की कार्रवाई तक नहीं हो पाती। चर्चा यह भी है कि इस व्यवस्था को उच्च अधिकारियों का मौन संरक्षण प्राप्त है, जिसके चलते न तो स्थानांतरण हो पा रहा है और न ही किसी प्रकार की सख्त जांच।
आम जनता का आरोप है कि ऐसे कर्मियों का व्यवहार भी लोगों के प्रति अभद्र होता जा रहा है। कई मामलों में गाली-गलौच और दबाव बनाने की शिकायतें सामने आई हैं, लेकिन गरीब और कमजोर वर्ग की आवाज अक्सर दबा दी जाती है। वहीं, बड़े और प्रभावशाली लोगों की शिकायतों पर ही कार्रवाई होने के आरोप भी लग रहे हैं।
जनसुनवाई जैसे मंचों पर भी फरियादी महीनों और सालों तक चक्कर काटते रहते हैं, लेकिन समाधान नहीं मिल पाता। मीडिया में खबरें प्रकाशित और प्रसारित होने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है।
अब जनता एकजुट होकर आवाज उठाने की बात कह रही है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही ऐसे पुलिस कर्मियों का दूसरे जिलों में तबादला नहीं किया गया, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
जनता ने प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और वर्षों से एक ही स्थान पर जमे पुलिस कर्मियों का तत्काल तबादला किया जाए, ताकि जिले में कानून व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सके।
(जनता की मांग: पारदर्शी व्यवस्था और निष्पक्ष कार्रवाई)

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