महाराष्ट्र राज्य जिला गडचिरोली शालिनता से पुरस्कृत जिलाधिकारी श्री अविशांत पांडा के मार्गदर्शन मे
संभावित एल-नीनो संकट की पृष्ठभूमि में पानी के उपयोग का सटीक नियोजन करें – श्री नितिन गावंडे की अनोखी पहल….

प्रशांत महासागर के मौसम से संबंधित ‘एल नीनो’ प्रक्रिया का परिणाम इस वर्ष के मानसून पर होने की संभावना मौसम विशेषज्ञों द्वारा व्यक्त की जा रही है। इस पृष्ठभूमि में, जिले में संभावित जल संकट की स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए सभी विभाग सतर्क रहें और उपलब्ध जल भंडार का सटीक एवं नियोजित उपयोग करें, ऐसे निर्देश प्रभारी जिलाधिकारी श्री नितिन गावंडे ने दिए।जिलाधिकारी कार्यालय में संभावित एल-नीनो परिणाम और जल किल्लत निवारक उपायों के संबंध में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित समीक्षा बैठक में श्री नितिन गावंडे बोल रहे थे। इस अवसर पर निवासी उपजिलाधिकारी श्री आशीष वानखेड़े, सभी उपविभागीय अधिकारी, तहसीलदार, कृषि विभाग, ग्रामीण जलापूर्ति विभाग तथा सिंचाई विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
जल भंडारण क्षमता पर जोर
श्री नितीन गावंडे ने जिले में पूर्व में आई सूखे जैसी स्थितियों के दौरान किए गए उपायों का अध्ययन कर, उसके आधार पर एक प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संभावित पानी की कमी को देखते हुए प्रत्येक विभाग अपना स्वतंत्र नियोजन तैयार रखे और स्थानीय स्थिति के अनुसार तत्काल उपाय लागू करने के लिए तैयार रहे। उन्होंने जिले के जल संचयन बांधों, ‘मामा तालाब’, पाझर तालाब (रिसाव तालाब) और अन्य जल स्रोतों का तत्काल निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही, जल स्रोतों से गाद निकालकर जल भंडारण क्षमता बढ़ाने पर जोर देने के निर्देश भी उन्होंने इस समय दिए।
पानी की बर्बादी रोकने के निर्देश
वर्तमान जल आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने के लिए पानी के रिसाव (लीकेज) और बर्बादी को रोकने के लिए विशेष सावधानी बरतने के निर्देश प्रभारी जिलाधिकारी द्वारा दिए गए हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि उपलब्ध पानी का उपयोग अत्यंत जिम्मेदारी और नियोजन के साथ करना आवश्यक है।
पीने के पानी के स्रोत सूख न जाएं, इसके लिए आवश्यकतानुसार संबंधित जल स्रोतों के 500 मीटर के दायरे में बोरवेल (Borewells) खोदने पर प्रतिबंध लगाने के संबंध में उप-विभागीय अधिकारियों को उचित कार्रवाई करने का निर्देश भी उन्होंने दिया है।
किसानों और पशुधन के लिए योजना
‘एल नीनो’ के संभावित परिणामों की पृष्ठभूमि में, कृषि विभाग को मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार किसानों को बुआई के संबंध में उचित मार्गदर्शन करना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि:
कम पानी में उगने वाली फसलों पर जोर दिया जाए।
बारिश की स्थिति के अनुसार बुआई का नियोजन किया जाए।
मौसम आधारित कृषि प्रबंधन के बारे में जन जागरूकता बढ़ाई जाए।
इसके अतिरिक्त, संभावित सूखे जैसी स्थिति को ध्यान में रखते हुए, पशुओं के लिए चारा उपलब्ध रहे, इसके लिए संबंधित विभागों को अग्रिम योजना बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
सभी विभागों को समन्वय का आह्वान
प्रभारी जिलाधिकारी श्री नितिन गावंडे ने कहा कि बांधों से पानी छोड़ने का नियोजन वैज्ञानिक तरीके से होना चाहिए और उपलब्ध जल भंडारण का दीर्घकालिक विचार करके ही उसका उपयोग किया जाना चाहिए।
‘एल नीनो’ के संभावित प्रभाव को देखते हुए सभी विभागों को आपस में समन्वय बनाए रखकर तैयार रहना चाहिए। साथ ही, उन्होंने नागरिकों से भी अपील की है कि वे पानी की बचत के प्रति जागरूक रहें और उपलब्ध पानी का किफायती उपयोग करें।
इस बैठक में सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

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