खबर 1
*मऊरानीपुर प्रदर्शनी में दुकानों पर रोक से गरीब दुकानदारों का फूटा गुस्सा, तहसील दिवस में कमिश्नर से लगाई गुहार*
*संवाददाता उमेश कुमार*
(झांसी)। मऊरानीपुर में चल रही प्रदर्शनी में रेडीमेड कपड़ों की दुकानें नहीं लगाने देने के विरोध में गरीब और छोटे दुकानदारों ने तहसील दिवस में पहुंचकर कमिश्नर को प्रार्थना पत्र सौंपा।
दुकानदारों ने आरोप लगाया कि वर्षों से वे प्रदर्शनी और मेलों में दुकान लगाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते आ रहे हैं, लेकिन इस बार अधिकारियों द्वारा उनकी दुकानें बंद करा दी गईं, जिससे उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
दुकानदारों ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना सहित अन्य माध्यमों से लाखों रुपये का ऋण लेकर रेडीमेड कपड़ों का सामान खरीदा है।
यदि उन्हें दुकान लगाने की अनुमति नहीं मिली तो न तो वे अपना माल बेच पाएंगे और न ही बैंक का कर्ज चुका सकेंगे। उनका कहना है कि ऐसी स्थिति में कई परिवार आर्थिक बर्बादी की कगार पर पहुंच जाएंगे।
प्रार्थना पत्र में यह भी कहा गया कि मऊरानीपुर के जलविहार मेले और अन्य आयोजनों में वर्षों से उनकी दुकानें लगती रही हैं, लेकिन इस बार केवल गरीब और छोटे व्यापारियों को ही रोका जा रहा है, जबकि अन्य दुकानें संचालित हो रही हैं।
दुकानदारों ने इसे भेदभावपूर्ण कार्रवाई बताते हुए प्रशासन से न्याय की मांग की
दुकानदारों ने कमिश्नर से मांग की कि प्रदर्शनी में उनकी 10 से 15 रेडीमेड कपड़ों की दुकानों को तत्काल दोबारा संचालित करने की अनुमति दी जाए, ताकि उनका रोजगार बच सके और वे अपने परिवार का पालन-पोषण करने के साथ-साथ लिया गया कर्ज भी चुका सकें।

More Stories
बरुआ सागर: सिद्ध पीठ मनसल माता के आंगन में गूंजी शहनाइयां; 151 कन्याओं के सामूहिक विवाह में उमड़ा जनसैलाब
झांसी के ग्राम खुजा में राष्ट्रवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश सिंह का भव्य स्वागत
सब पर्वों में पर्व महान शिवरात्रि हैं सर्व महान: –नगर पालिका अध्यक्ष शशि श्रीवास