कारगिल विजय दिवस पर राजस्थान, ने झुकाया वीरों को शीश….

जयपुर, 25 जुलाई। राजस्थान सरकार के आवाहन पर कारगिल युद्ध में वीरगति प्राप्त करने वाले योद्धाओं को नमन करने हेतु 11:20 पर हर सरकारी संस्था में राष्ट्रीय गान के आयोजन के अंतर्गत महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय, कावेरी पथ, मानसरोवर, जयपुर में कारगिल विजय दिवस की 27वीं वर्षगांठ श्रद्धा, सम्मान एवं राष्ट्रभक्ति के वातावरण में मनाई गई। विद्यालय की इकाई के तत्वावधान में आयोजित समारोह का शुभारंभ राष्ट्रगीत “वंदे मातरम्” के सामूहिक गायन से हुआ। इसके उपरांत कारगिल युद्ध के वीर पुत्रों के अभूतपूर्व बलिदान, अदम्य साहस और शौर्य का स्मरण करते हुए दो मिनट का मौन रखकर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की गई।
समारोह के मुख्य अतिथि कर्नल देवानंद लोहामरोड़ (राष्ट्रीय अध्यक्ष, शहीद सम्मान समिति), विशिष्ट अतिथि कमांडो मुकेश डोई एवं सूबेदार मोहन सिंह ने शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। राजस्थान सरकार की पहल पर कारगिल युद्ध के नायकों के सम्मान में प्रातः 11:20 बजे पूरे राज्य में एक साथ सामूहिक राष्ट्रगान का आयोजन किया गया। विद्यालय में भी सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों, एनसीसी कैडेट्स एवं अतिथियों ने पूर्ण गरिमा और अनुशासन के साथ राष्ट्रगान गाकर अपनी कृतज्ञ श्रद्धांजलि अर्पित की।
अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में मुख्य अतिथि कर्नल देवानंद लोहामरोड़ ने कारगिल विजय दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “देश सेवा ही सर्वोच्च कर्तव्य है।” उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन, कठोर परिश्रम, राष्ट्रप्रेम एवं उच्च नैतिक चरित्र को जीवन का आधार बनाने का आह्वान किया तथा उन्हें भारतीय सशस्त्र सेनाओं एवं अन्य वर्दीधारी सेवाओं में शामिल होकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
कर्नल लोहामरोड़ ने राज्यभर में प्रातः 11:20 बजे सामूहिक राष्ट्रगान आयोजित करने की इस अभिनव पहल के लिए राजस्थान सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन युवा पीढ़ी में देशभक्ति, सैन्य परंपराओं के प्रति सम्मान और शहीदों के सर्वोच्च बलिदान के प्रति कृतज्ञता की भावना को सुदृढ़ करते हैं। इसके अतिरिक्त, उन्होंने ‘वीर नारियों’ (युद्ध विधवाओं) के लिए अनुकंपा नियुक्ति के प्रावधान की सराहना की और केंद्र सरकार व अन्य राज्यों से भी शहीद परिवारों के कल्याण, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के लिए ऐसे ही कदम उठाने का आग्रह किया।
उन्होंने राज्य में 10 बालिका सैनिक विद्यालयों की स्वीकृति तथा वर्तमान शैक्षणिक सत्र से दो सैनिक विद्यालय प्रारंभ करने के निर्णय का भी स्वागत किया और इसे महिला सशक्तिकरण एवं राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से एक ऐतिहासिक कदम बताया।
इस अवसर पर डॉ. संतोष कुमार जाखड़ ने कारगिल युद्ध के इतिहास और भारतीय सेना के अद्वितीय शौर्य पर एक प्रेरक भाषण दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री नीरज शर्मा ने की तथा उपप्रधानाचार्य श्री मदनमोहन शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का कुशल संयोजन सीटीओ (CTO) श्री जितेंद्र कुमार टेलर के निर्देशन में हुआ, मंच संचालन श्रीमती सुमन शर्मा ने किया, और इसमें समस्त विद्यालय परिवार एवं एनसीसी कैडेट्स का सराहनीय सहयोग रहा।

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