बल्ले का पुरा गांव के लोगों ने विधायक को सुनाई अपनी समस्या और मांगी सडक,,,,,,,,,,,
पोरसा,,,,,,,,,,
ग्राम बल्ले का पुरा के निवासियों ने आज सड़क की मांग को लेकर विधायक कमलेश जाटव के रूम पर आकर के विधायक से मुलाकात की और अपनी समस्या से उन्हें अवगत कराया विधायक ने पूरी समस्या सुनी ,, सुनने के उपरांत तुरंत तहसीलदार नरेश शर्मा को फोन करके कहा कि 3 दिन में उक्त रोड के पास जो भी खेत हैं उनका सीमांकन किया जावे ,,जिससे रोड की प्रक्रिया शुरू हो सके,, विधायक ने बताया कि रोड के सीमांकन होने के बाद रोड बनवाने की प्रक्रिया शुरू करवा दी जाएगी ग्रामीणों की समस्याएं प्राथमिकता के साथ हल की जायेगी,,,,,,,,,,,,,, ज्ञात रहे कि 1 सप्ताह पूर्व उक्त ग्राम वासियों ने तहसीलदार पोरसा को ज्ञापन दिया था,,,,,,,ग्रामीण महिला पुरुषों ने तहसीलदार से की शिकायत
पोरसा। पोरसा जनपद की रजौधा पंचायत के मजरा बल्ले का पुरा के लिए आज तक पहुंच मार्ग का निर्माण नहीं हो सका है। यह दंश ग्रामीण लगभग सात दशकों से झेल रहे है। आलम यह है कि पंचायत में अगर कोई बीमार हो जाए तो एंबुलेंस तक नहीं पहुंच पाती। जिसकी वजह से मरीज को खटिया पर रखकर ही रजौधा गांव तक लेकर पहुंचना पड़ता है। अब जो रास्ते के लिए जगह चिन्हित की गई है उस समय पर औरेठी गांव के कुछ लोग कब्जा कर अपना भवन निर्माण कर रहे है। इस समस्या को लेकर सोमवार को बल्ले का पुरा गांव के एक सैंकड़ा के करीब महिला व पुरुष तहसीलदार विवेक सोनी से मिले। जहां अपनी परेशानी के संबंध में ज्ञापन दिया। यही नहीं नगरा थाने में भी इस अवैध अतिक्रमण को लेकर ग्रामीणों ने शिकायत की है।
गत दिन पूर्व तहसीलदार को ज्ञापन सौंपने आए ग्रामीणों ने बताया कि बल्ले का पुरा गांव में सैंकड़ा परिवार रहते है। लेकिन पंचायत ने अभी तक इस गांव के लिए पहुंच मार्ग का निर्माण नहीं कराया है। दशकों बाद भी लोग मेढ़ों और संकरे दगरों से होकर ही गुजर रहे हैं। इस समस्या को ग्रामीण हर जगह उठा चुके, लेकिन इसके बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई। जाे सरकारी रास्ता है भी अब उस जगह पर औरेठी गांव के कुछ लोग इस जगह पर कब्जा कर अपना भवन निर्माण करा रहे है। जिससे अब जो रास्ता है वह भी पूरी तरह से बंद हो जाएगा। रविवार को ग्रामीण इस भवन निर्माण को रूकवाने के लिए भी गए थे। लेकिन दबंग ग्रामीणों से लड़ने के लिए तैयार हो गए। इसके बाद ग्रामीणों ने नगरा थाने पहुंचकर इस संबंध में शिकायत भी दर्ज कराई। ग्रामीणों का कहना था कि एक तो कोई पहुंच मार्ग कभी बनाया नहीं गया, अब जो रास्ता है उसको भी बंद किया जा रहा है। महिलाओं ने बताया कि अगर कोई डिलेवरी हो या बीमार हो जाए तो यहां तक एंबुलेंस तक नहीं पहुंच पाती। ऐसे में ग्रामीणों की सहायता से खटिया पर ही लेकर जाना पड़ता है। ग्रामीणों की इसके बावजूद सुनवाई नहीं की जा रही है। सभी ग्रामीणों ने तहसीलदार को कार्रवाई करने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा था,, इस अवसर पर विष्णु, कप्तान सिंह, हरी सिंह, राजेश, रामकिशन, रामनरेश, नाथू सिंह, राजवीर सिंह सहित अन्य महिला व पुरुष शामिल रहे।

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