ढाई सौ बरसों में नहीं बन पाया मुक्तिधाम,,1992 से चल रहा है विवाद,, पटवारी शैलेंद्र सिंह तोमर ने मौके पर पहुंचकर बैहड की जगह की चिन्हित,वरिष्ठ अधिकारियों को भेजा प्रस्ताव, तब हुई मृतक की अंत्येष्टि,,
पोरसा,,,,,,,,
,, ग्राम शेरपुरा यहां पर लगभग 2000 से अधिक लोग निवासरत हैं, जो ढाई सौ बरसों से पूर्व का बसा हुआ गांव है, जिसमें आज तक मुक्तिधाम नहीं बन पाया, 1992 से मुक्तिधाम की जगह पर विवाद चल रहा है,,टी आई रामपाल सिंह जादौन व पटवारी शेलेन्द्र सिंह तोमर मौके पर पहुंचे,,, मौके पर पहुंचे पटवारी के मुताबिक कहना है कि मुझसे पहले रहने वाले पटवारियों ने भी प्रयास किया मगर कोई हल नहीं निकला आज हमने गांव से थोड़ा दूर बेहड की जगह चिन्हित की है यहां पर आज खत्म हुए भारत सिंह बघेल पुत्र लटूरी सिंह बघेल उम्र 59 वर्ष की होगी अंत्येष्टि हुई,,, सरपंच रामप्रकाश सखवार का कहना है कि जब से मैं सरपंच बना हूं इस मसले को हल करने के लिए मैंने कई बार प्रयास किया मगर कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई,आज भारत सिंह बघेल की मृत्यु के बाद जब अंत्येष्टि के लिए जगह नहीं मिली तब लोगों ने प्रशासन को जगाया प्रशासन ने मौके पर आकर जगह चिन्हित की जिस पर अंत्येष्टि की हुई,,,,

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