Chief Editor

Dharmendra Singh

Office address -: hanuman colony gole ka mandir gwalior (m.p.) Production office-:D304, 3rd floor sector 10 noida Delhi Mobile number-: 9806239561, 9425909162

February 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
232425262728  
February 16, 2026

सच दिखाने की हिम्मत

अभिषेक शर्मा रिपोर्टर

थाना नरसिंहगढ़, जिला राजगढ़ *पुलिस की तत्परता के चलते 75 साल के गुमशुदा बुजूर्ग को 12 घण्टे अन्दर किया दस्तयाव कर परिजनों को किया सुपुर्द* दिनांक 15/12/21 को पुलिस को सूचना मिली की रघुनाथ पिता मनीराम वर्मा उम्र 75 साल निवासी ग्राम गनियारी के जो अपने खेत पर बने कुआ पर मय परिवार के रहते है मिल नही रहे है एवं उनके बिस्तर पर खून लगा हुआ है । सूचना पर थाना प्रभारी रविन्द्र चावरिया मय स्टाफ के मौके पर पहुच कर देखा तो खाट के ऊपर गद्दे पर एवं नीचे जमीन पर खून फैला हुआ था।और पास में खेत की मेड़ पर रघुनाथ का पीला साफा लम्बा लम्बा बिछा हुआ था। प्रथम दृस्टया परिवार का दूसरे पारिवारिक पक्ष से जमीनी विवाद का पूर्व इतिहास देखते हुए गंभीर अपहरण, हत्या की घटना हो सकना संभावित था ग्रामीणों मे भी घटना को लेकर काफी आक्रोश था एंव खेतों पर मकान बनाकर रहने वाले आसपास के लोगो मे भी भय व्यापत था । फरियादी देवकरण ने सूचना दी की खेती किसानी का काम करता हूँ।मैं खेत में बने कुँआ/घर पर अपने पिता रघुनाथ, माँ शैतान बाई, पत्नि शैतान बाई परिवार सहित रहते हैं।दिनांक 13.12.2021 को शाम करीब 7.00 बजे परिवार के सभी लोग खाना खाकर सो गये थे। मैं ग्राम मुण्डला बजरंग दूध देने गया था। मेरे पिता छोटे भाई के मकान के छप्पर के नीचे खाट पर आकर सो गये थे। मैं रात करीब 8.00 बजे दूध देकर वापस आया तो मेरे पिता खाट पर सो रहे थे सुबह 7.00 बजे उठकर देखा तो मेरे पिता खाट पर नही थे। खाट पर खून लगा (कपड़े) एवं नीचे जमीन पर खून फैला हुआ था। और पास में खेत की मेड़ पर उसका पीला साफा लम्बा लम्बा बिछा हुआ था। फिर मैंने पिता को अपने परिवार के साथ खेत की मेड़, कुँआ बावड़ी आदि स्थानों पर तलाश किया को पता नही चल रहा है। उक्त घटना की जानकारी वरिष्ट अधिकारियों को दी तथा अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) नरसिहंगढ श्री भारतेन्दु शर्मा तत्काल मौके पर पहुचे एवं घटना स्थल का निरीक्षण किया कर थाना प्रभारी रविन्द्र चावरिया के नेतृत्व मे अलग अलग टीमे वनाकर तलाश हेतु रवाना किया गया । डॉग स्क्वाड को सीहोर से भी मौके पर बुलाया गया। एवं डॉ श्री नीमजे एफएसएल एवं फिंगरप्रिंट टीम को भी मौका दिखाया गया। उक्त घटना को गम्भीरता को पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा द्वारा गम्भीरता ले लिया गया एवं समय समय पर निर्देश दिये एवं सायवर सेल को उक्त घटना के संबध मे जानकारी तत्काल देने हेतु पावन्द किया गया । अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) नरसिहंगढ श्री भारतेन्दु शर्मा द्वारा गुमशुदा रघुनाथ वर्मा की तलाश हेतु सतत मार्गदर्शन दिया गया । सायवर सेल की मदद से फरियादी के मोबाईल की लोकेशन ली जाती रही जो लगातार भ्रमण करते हुए होशंगाबाद बुधनी बरखेड़ा भोपाल की जानकारी मिलती रही थाना प्रभारी नरसिहंगढ द्वारा तत्काल टीम को लोकेशन पर रवाना किया गया । पुलिस द्वारा कुरावर मे भोपाल से आ रही गूरूकृपा बस से रघुनाथ वर्मा को कुरावर मे उतारा नाम पता पूछा तो अपना नाम धूलजी वर्मा निवासी ग्राम पीपलवे थाना ब्यावरा का होना वताया नाम पता सही नही वताने से पुलिस द्वारा मोबाईल नम्बर चैक किया तो गुमशुदा रघुनाथ का मोबाईल होना पता चला तब स्वंय ने बताया की मै ही रघुनाथ हु। और मे किसी से बात नही करना चाहता हुँ। पुलिस टीम उन्हे अपने साथ लेकर नरसिहंगढ पहुची। गुम शुदा रघुनाथ वर्मा निवासी गनियारी से पुलिस ने पूछताछ की तो वताया कि दिनांक 14.12.21 को मेरे परिवार के भैरूलाल एवं उसके लडके बंटी व गोविन्द वर्मा द्वारा मेरी झूटी शिकायत की थी जिसके कारण मे दुखी था मुझे करीब 8-10 साल पहले दिंयार (साप) ने फुसकार मार दीया था जिसके कारण मेरे पैर मे एक घाब है। दिनांक 14.12.21 को शाम 6 बजे करीब मै घर पर था तभी मेरे पैर के घाव मे से खून निकलने लगा और दर्द होने लगा तो मे इलाज के लिये घर वालो को बिना बताये। भोपाल चला गया था । और परिवार के लोगों द्वारा मेरे खिलाफ शिकायत करने पर मैं दुखी होकर अपने आप को छुपाने की कोशिश कर रहा था भोपाल से वापस कुरावर आ रहा था । गुस्से के कारण मे किसी से भी वात नही कर रहा था । पुलिस द्वारा गुमइंसान दस्तयाब किया गया एवं गुम शुदा रघुनाथ की समस्या सुनी गई दोनो पक्षों को सुन कर समस्या का निरीकरण किया गया। रघुनाथ वर्मा को परिजनो के साथ घर रवाना किया गया। उक्त कार्यवाही मे निरीक्षक रविन्द्र चावरिया थाना प्रभारी नरसिहंगढ, उनि संदीप सिहं मीणा, धर्मवीर सिहं पलैया, सउनि जी. एस. मरावी, प्रआर.514 शशीभूषण भदौरिया(DSB), प्रआऱ.519 लक्ष्मीनारायण, प्रआर.108 मनोहर , प्रआर 437 भूपेश, आर 643 केशव सिह, आऱ 196 राजमल, आर. मुकेश मीणा ( थाना कुरावर) , आर.पुनीत पराशर (डीएसबी), आर.शशांक यादव साइबर सेल राजगढ़, चालक बलराम जामरा, आर 674 विवेक चौहान, सैनिक 11 राजेन्द्र सिंह की सराहनीय अहम भूमिका रही ।