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Dharmendra Singh

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April 3, 2026

सच दिखाने की हिम्मत

*किशोरावस्था से ही सार्वजनिक जीवन का त्याग कर बने सन्यासी, आज विश्व के कई देशों में कर रहे सनातन संस्कृति का प्रसार* सुत दारा और लक्ष्मी पापी केऊ घर होय,

संत समागम हरिकथा जग मे दुर्लभ दौय।

मेहगांव मेहगांव चम्बल क्षेत्र के भिडं जिले की मेहगांव तहसील के ग्राम बरहद, में पूर्व जन्मो के संचित शुभ कर्मो एंव भगवत क्रपा से जन्मे कौशल किशोर राजौरिया जी,
आज के परिवेश मे महामंडलेश्वर स्वामी चिदम्बरानन्द सरस्वती जी महाराज के नाम से सुविख्यात है।
महाराज श्री व्दारा सम्पूर्ण भारतवर्ष में अपनी अलौकिक ज्ञान, प्रभु भक्ति, एंव तीब्र ओज , भविष्य वाणी से सनातन धर्म का व्यापक प्रचार प्रसार किया है।
महामंडलेश्वर बचपन मे बरहद मेहगांव से अपनी प्राथमिक हाईस्कूल की शिक्षा ग्रहण करने के बाद महाराज जी के ह्रदय मे भगवत प्राप्ति एंव जनकल्याण की भावनाओं का ज्वार हिलोरे लेने लगा,
अपने जीवन को समाज और राष्ट्र को समर्पित करने का लक्ष्य मानकर परिवार और गांव से अपने रिश्ता की मोह माया त्यागकर को त्याग जनकल्याण के लिये अपने परिजनों से आशीर्वाद लेकर अपने लक्ष्य की ओर अग्रसर हुऐ।
परिजनों रिस्तेदारों एंव समस्त ग्रामीण जन इस दुविधा मे जीते रहे आखिर इतना बडा कठोर निर्णय का भविष्य क्या होगा,
बडे भाग्य मानुष तन पावा,
गोस्वामी तुलसीदास जी की रामायण की इस चौपाई को सार गर्भित करते हुऐ कौशल किशोर राजौरिया ने अपने जीवन काल मे भगवत प्राप्ति हेतु कठोर साधना करते हुऐ अपने जीवन को श्रेष्ठ बनाते हुऐ समाज और राष्ट्र के लिये जीवन समर्पित कर दिया,
जनकल्याण की भावना ने सम्पूर्ण भारत के अलावा अमेरिका यूरोप में सनातन धर्म का व्यापक प्रचार प्रसार किया।
परम पूज्य महामण्डलेश्वर स्वामी चिदम्बरानन्द सरस्वती जी महाराज की 29 जनवरी 2022 को विश्व के नम्बर 1 लोकप्रिय राजनेता और देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी से शिष्टाचार भेंट की।
पूज्य महाराज श्री ने आज विश्व भर में सनातन संस्कृति का व्यापक प्रचार प्रसार करते हुए चम्बल अंचल का भी गौरव बढ़ाया है।
माननीय प्रधानमंत्री जी से उन्होंने आद्य जगद्गुरु भगवान शंकराचार्य की जयंती को सर्वात्मभाव दिवस के रूप में घोषित करवाने और आगामी 26,27 मार्च को काशी में होने वाले विशाल संन्यासी समावेश का आमंत्रण दिया। जिसमें प्रधानमन्त्री जी ने उत्सुकता पूर्वक रुचि दिखाई है।
इस अवसर पर पूज्य स्वामीजी ने माननीय प्रधानमंत्री जी को अपने आश्रम से प्रकाशित तिथिपत्र, डायरी और स्वयं द्वारा लिखित “ईश्वरेच्छा बलीयसी” नामक पुस्तिका भी भेंट की।

गिरजेश पचौरी पत्रकार मेहगांव मो.9926264754