मित्रता हो तो भगवान श्री कृष्ण और भक्त सुदामा जैसी- आचार्य सत्यम दुबे जी
मेहगांव के वार्ड क्रमांक 11 में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के अंतिम दिवस आचार्य सत्यम दुबे शास्त्री जी ने भक्तों को भगवान रुक्मणी का विवाह व 16108 विवाह का वर्णन और सुदामा चरित्र वर्णन श्रवण कराया भगवान गरीबी और अमीरी नहीं देखते प्रभु सब को एक भाव से देखते हैं निर्मल मन से प्रभु का भजन करिए प्रभु हमारे ऊपर हमेशा कृपा करते रहते हैं परमेश्वर के दर्शन के लिए सूरदास जैसी आंखें होना चाहिए हरि और हर में कोई भेदभाव नहीं होता सुदामा तन से गरीब थे ना कि मन से अगर मित्रता करनी है तो सुदामा और श्रीकृष्ण जैसी करनी चाहिए आज कथा व्यास जी ने श्रोताओं से मेहगांव वासियों से विदाई भजन के माध्यम से विदा मांगी और सारे श्रोताओं ने नम आंखों से व्यास जी का अभिवादन किया आज अंतिम दिवस के अवसर पर श्रद्धालुओं भक्तों द्वारा आचार्य सत्यम रवि शास्त्री जी को स्वागत सम्मान करते हुए चांदी का मुकुट पहनाकर स्वागत और बंधन अभिनंद

किया गया आज की कथा में पधारे मुख्य अतिथि श्री श्री 1008 कमल दास जी महाराज टिकरी खुर्द वाले कथा श्रवण कर भक्तों को आशीर्वाद प्रदान किया साथी आज कथा में पूर्व कांग्रेसी मंत्री चौधरी राकेश सिंह चतुर्वेदी भिंड पधारे व्यास जी का स्वागत सम्मान कर चौधरी जी ने व्यास जी से आशीर्वाद प्राप्त किया कथा के मुख्य आयोजक कर्ता यजमान अवध बिहारी शर्मा परीक्षित थे
गिरजेश पचौरी पत्रकार मेहगांव मो.9926264754

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