
भगवान शिव की विशेष आराधना का फल श्रावण मास में अधिक प्राप्त होता है दरअसल श्रावण मास जिसे (सावन माह) भी कहा जाता है भगवान भोलेनाथ को सबसे प्रिय है। इस माह में श्रावण का प्रथम सोमवार आज होने से शिवालयों में भक्तों के द्वारा भगवान भोलेनाथ का जल, दूध, दही, घी ,शहद ,जैसे पंचामृत से शिवजी का अभिषेक किया जाता है।

हिंदू मान्यताओं के अनुसार श्रावण माह में जो व्यक्ति भगवान शिव की आराधना करता है भगवान उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं, श्रावण मास शिव जी के साथ मां पार्वती को भी समर्पित है भक्त सावन महीने में सच्चे मन और पूरी श्रद्धा के साथ महादेव का व्रत धारण करते हैं उन्हें भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त होता है ।भगवान शिव की आराधना के लिए सावन माह का विशेष महत्व माना जाता है वही सावन माह में भी सोमवार का दिन अपने आप में खासा महत्व रखता है क्योंकि सोमवार भगवान शिव का दिन माना जाता है।


आज सावन का पहला सोमवार होने से शिवालयों को आकर्षण रूप से सजाया गया है। आज शिव जी की का दूध दही से अभिषेक कर बेलपत्र अर्पित की जाती है। कई भक्त शिव मंदिरों में या अपने घरों में रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय जाप आदि भी कराते हैं और कई भक्त भगवान शिव की भक्ति में व्रत भी रखते हैं पुराणों के अनुसार महादेव को प्रसन्न करने के लिए सावन माह को सर्वोत्तम माना जाता है।
ब्यूरो रिपोर्ट हरदा✍

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