Chief Editor

Dharmendra Singh

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February 2026
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February 16, 2026

सच दिखाने की हिम्मत

कमलाराजा अस्पताल में गंदगी और बदबू से मरीज परेशान है। असल में अस्पताल में सफाई कर्मचारी कम है जिसके चलते परेशानी बनी हुई है। कमलाराजा अस्पताल में 33 वार्ड के लिए तीन शिफ्टों में 33 -33 सफाई कर्मचारी तैनात किया जाना है लेकिन सफाई कर्मचारी दिन में आधे संख्या में तैनात किए जाते हैं। जबकि रात में सफाई कर्मचारियों की संख्या घटकर 5 से 7 रह जाती है। कर्मचारी कम होने के कारण अस्पताल में जगह जगह कचरे का ढेर लग जाता है और सफाई न होने से बदबू फैली रहती है। जबकि हाइट कंपनी की जिम्म्ेदारी है कि वह कर्मचारियों कर्मचारी कम होने के कारण अस्पताल में जगह जगह कचरे का ढेर लग जाता है और सफाई न होने से बदबू फैली रहती है। जबकि हाइट कंपनी की जिम्म्ेदारी है कि वह कर्मचारियों की संख्या अनुबंध के अनुसार रखे । लेकिन कागजों में तो अनुबंध के अनुसार ही कर्मचारी बताए जाते हैं पर हकीकत में कर्मचारियों की संख्या कम रहती है। जिसके कारण अस्पताल में सफाई संबंध परेशानी बनी रहती है। इधर मरीजों का लोड काफी अधिक है। अस्पताल में प्रतिदिनि 1000 से अधिक मरीज भर्ती रहते हैं। इन मरीजों के साथ में उनके दो गुना अटेंडेंट की मौजूदगी अस्पताल में गंदगी का कारण बना हुआ है। जबकि जिम्मेदार अस्पताल प्रबंधन निजी कंपनी की सफाई व्यवस्था पर कोई ध्यान नहीं देता। जिसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है.। हालात यह है कि मरीज जमीन पर लेट कर इलाज लेने के लिए मजबूर है। सफाई ठीक से न होने के कारण वार्ड से लेकर गैलरी तक में गंदगी पसरी रहती है। अस्प्ताल के बाथरुम में गंदगी और बदबू पसरी रहती है। हालत यह है कि अस्पताल में मरीज स्वास्थ्य लाभ लेने के लिए आते पर उन्हें संक्रमण होने का खतरा बना रहता है। इस खतर से निजात दिलाने के लिए शासन साफ सफाई पर करोड़ों रुपये खर्च कर रहा है लेकिन निजी कंपनी इस पैसा को सफाई पर खर्च नहीं करती। सफाई कर्मचारियों के नाम पर उनके नाम लिखकर ही वेतन बांटना दिखा दिया जाता है। हालात यह है कि अस्पताल में सफाई के लिए दिए जाने वाला सामान तक कर्मचारियों को नहीं दिया जाता है। साबुन, फिनायल आदि का टोटा बना रहता है। जिसके कारण समस्या गहराई हुई है।