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Dharmendra Singh

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February 4, 2026

सच दिखाने की हिम्मत

श्राद्ध पर्व पर अंबिका आश्रम में श्री श्री1008 श्री गजानन जी महाराज का 17 वां श्राद्ध पितृ तर्पण श्री योगेश जी महाराज ने तर्पण कर पूर्वजों को याद किया।

सरिता पाटीदार रिपोर्टर

🙏श्राद्ध पक्ष मे गुरूदेव द्वारा चन्दन लगाते हुए🙏।

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परम पूज्यनीय, प्रातःस्मरणीय श्री श्री 1008 श्री गजानन जी महाराज, श्री अंबिका आश्रम, श्री बालीपुर धाम मे 70 वर्षों से चल रही परंपरा को अब भी कायम बनाये हुए है।इस वर्ष भी श्री योगेश जी महाराज एवम श्री सुधाकर जी महाराज ने दैनिक क्रिया कर संध्या पाठ एवं हवन कर श्राद्ध तर्पण प्रारंभ किया। विधि विधान से पूजन कर ब्राह्मणों एवम् अन्य विशाल पैमाने पर भक्तो को भोजन कराया गया ।
श्राद्ध पक्ष भाद्रपद की पूर्णिमा से शुरू होकर अश्विन मास की अमावस तक चलता है। इसमें पितरों का स्मरण कर पिंड दान किया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार सभी दोषो से मुक्ति के लिए हनुमान जी की पूजा अर्चना करनी चाहिए ।इस दौरान पिंडदान तर्पण ,कर्म और ब्राह्मण को भोजन कराने से पूर्वज प्रसन्न होते हैं ।
श्री गुरू महाराज द्वारा अगस्त्य के फूल, कमल दल ,बेलपत्र, जौ, दूध ,दही ,मक्खन , शहद, गोमूत्र ,गोबर, भंगराज के फुल, मोगरा व मालती के फूल, गोपी चंदन ,सफेद तिल्ली से पूजा की ।श्रद्धा, विश्वास तथा आस्था के पर्व पर अपने पूर्वजों को याद कर पूजन तथा तर्पण व संस्कारों का अनुपालन और अनुसरण करके याद किया गया ।
वैदिक परंपरा आने वाली पीढ़ी को सनातन धर्म का पौराणिक महत्व समझाती है। ब्रह्मा पुराण के अनुसार अश्विन मास में कृष्ण पक्ष में यमराज यमपुरी में पितरों को मुक्त कर देते हैं ।पूर्वजो की आत्माओं की संतुष्टि के लिए श्राद्ध तर्पण किया गया। सर्वप्रथम देवो को भोग लगाकर गाय, कौवा एवम कुत्ते को पलास के पत्तो की बनी हुई पतलो मे भोजन कराया गया।
श्राद्ध पक्ष में बंटी महाराज, अरूण महाराज , रविंद्र शर्मा ,रविंद्र सिनगुन वाले,जगदीश चंद पाटीदार अध्यापक, नवनीत पाटीदार,मनोज,कपिल, सचिन अत्रे,लता मालवीय और सामाजिक कार्यकर्ता गोविंद पाटीदार राजगढ आदि ने पूर्वजो को याद कर ईष्ट मन्त्रो से चक्रधारी श्री कृष्ण भगवान का जाप किया गया।
सदगुरुदेव सेवा समिति के जगदीश चंद्र पाटीदार ने परम पूज्य, प्रातः स्मरणीय , जगतगुरू शंकराचार्य महाराज जी के संबंध मे व्याख्यान दिये गये।