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Dharmendra Singh

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April 3, 2026

सच दिखाने की हिम्मत

भाजपा पूर्व जिलाध्यक्ष विधायक पं रमेश दुबे जी ने मुख्यमंत्री माननीय श्री शिवराज सिंह चौहान जी का चौरई विधानसभा क्षेत्र के बिछुआ आगमन पर अपने स्वागत भाषण के साथ आत्मीय स्वागत अभिवादन किया ।

जितेन्द्र सोनी रिपोर्टर

मुख्यमंत्री शिवराज के सख्त तेवर: मंच से CMHO और CMO को किया सस्पेंड

बिछुआ मुख्यमंत्री जन सेवा अभियान कार्यकर्म में मंच से किया सस्पेंड

CMHO को सौसर की सभा में भी हटाया गया था फिर CMHO ने हाईकोर्ट के आदेश के बाद आये आज पुनः मुख्यमंत्री ने CMHO को सस्पेंड कर दिया

मध्यप्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान इस समय लापरवाह अधिकारियों पर सख्त रुख अपनाए हुए हैं। सीधे और सहज दिखने वाले मुख्यमंत्री चौहान बीते कुछ दिनों से एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। आज उन्होंने लापरवाही बरतने पर मंच से ही छिंदवाड़ा जिले के मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी जीएस चौरसिया और बिछुआ CMO को निलंबित कर दिया। इससे पहले भी उन्होंने कई अधिकारियों को मंच से ही सस्पेंड कर चुके हैं।
गांव में तेंदूपत्ता गांव का ही गरीब तोड़ेगा और इसका पैसा गांव में ही रहेगा- मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान

बिछुआ। जनपद पंचायत मैदान बिछुआ में मुख्यमंत्री जनसेवा अभियान के अंतर्गत आयोजित स्वीकृति पत्र वितरण कार्यक्रम का शुभारंभ कन्यापूजन व दीप प्रज्वलन के साथ किया। साथ ही ₹467 लाख की लागत से बने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लोकार्पण सहित करोड़ों रुपयों की लागत के अनेक विकास कार्यों का भूमिपूजन व शिलान्यास किया। जब मैं छिंदवाड़ा आता हूँ तो कुछ लोगों को तकलीफ होती है। हम घोषणा भी करते हैं और उसका पालन भी करते हैं। जिस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का लोकार्पण हमने किया है। उसका शिलान्यास भी हमने किया था और भूमिपूजन भी। बेटियों के बिना दुनिया नहीं चल सकती। इसलिए मध्यप्रदेश में हमने लाड़ली लक्ष्मी जैसी योजना बनाई। जिन लाड़ली बेटियों को मैंने गोद में खिलाया था, वह अब कॉलेज जा रहीं हैं और उनकी फीस मामा भरवा रहा है। लोकतंत्र जनता का, जनता के लिए, जनता द्वारा राज है। इसलिए मेरी सरकार भोपाल से नहीं गाँव की चौपाल से चलेगी और हमने मुख्यमंत्री जनसेवा अभियान चलाया। हमने तय किया कि सरकारी अधिकारी गाँव-गाँव जाकर आवेदन लेंगे। मुख्यमंत्री जनसेवा अभियान के तहत शिविर लगाकर 38 योजनाओं में 83 लाख नाम हमने जोड़े ताकि कोई गरीब वंचित न रहे। जनता के कल्याण के लिए खजाने में कोई कमी नहीं है। आज ही छिंदवाड़ा जिले के विकास के लिए ₹1 हजार करोड़ के विकास कार्यों का भूमिपूजन किया है। जो गरीबों के हक पर डाका डाले, उन्हें सताए उनके लिए मेरे पास एक ही तरीका है, उन्हें नष्ट कर देना। ऐसे लोगों को मैं कभी माफ नहीं कर सकता। लोकतंत्र का लक्ष्य जनता की सेवा है, गरीबों का कल्याण है। जो जन कल्याण के बेहतर कार्य करेगा, उसका मैं सम्मान करुंगा, पुरस्कार दूंगा, लेकिन जो जनता के कामों में गड़बड़ करेगा, गरीबों के अधिकार छीनेगा, उस पर कार्रवाई करूंगा। पेसा अधिकार नियम के तहत जनजातीय समुदाय को कई अधिकार प्राप्त हो रहे हैं। जनजातीय क्षेत्र की जमीन में गड़बड़ी नहीं हो सकती है। हर साल ग्रामसभा के सामने जमीनों की जानकारी रखी जाएगी, गड़बड़ी होने पर वहीं उसका सुधार किया जाएगा। अगर पेसा ग्रामसभा के अंदर रेत या पत्थर की खदान जैसे गौण खनिज हैं तो अब उनको सरकार नीलाम नहीं करेगी। अगर ग्रामसभा चाहेगी तो ही उनका सर्वे और नीलामी होगी। पेसा नियम के तहत जनजातीय समुदाय को वनोपज के अधिकार दिए गए हैं। वनों की उपज और औषधियों को कोई आपसे लेकर अधिक कीमत पर बेचकर मालामाल हो, यह नहीं चलेगा। इनकी बिक्री कर आप स्वयं अपनी आमदनी बढ़ाएं। गांव में तेंदूपत्ता गांव का ही गरीब तोड़ेगा और इसका पैसा गांव में ही रहेगा। तेंदूपत्ता का पैसा भोपाल क्यों जाए? गांव की उपज का पैसा गांव में ही रहने से हमारे ग्रामीण भाई-बहन समृद्ध होंगे। अब बिना ग्रामसभा को जानकारी दिए कोई भी एजेंसी किसी को भी श्रमिक के रूप में गांव से बाहर नहीं ले जा सकेगी। गांव का कोई भी व्यक्ति श्रमिक के रूप में बाहर जाता है, तो इसकी जानकारी ग्रामसभा को देना अनिवार्य होगा। गांव में शराब की दुकान खुले या नहीं, यह तय करने का अधिकार ग्रामसभा को होगा। किसी त्योहार या विशेष आयोजन पर शराब की दुकान बंद रहे, इसका निर्णय भी ग्रामसभा ले सकेगी। ड्राई-डे के लिए कलेक्टर को आवेदन देना होगा। गाँव की आंगनवाड़ी व स्कूल अच्छे से चलें। बच्चों को मध्यान्ह भोजन ठीक मिले, लोगों का इलाज ठीक हो, यह देखना भी आपका काम है। ग्राम सभा को यह अधिकार होगा कि वह स्कूल-आंगनवाड़ी चेक करें। आओ सब मिलकर सरकार चलाएं। छोटे झगड़ों को निपटाने के लिए ग्रामसभा शांति व विवाद निवारण समिति बनाएगी और कोशिश हो कि गाँव के विवाद गाँव में ही सुलझ जाएं। अगर पेसा ग्रामसभा चाहोगे तो तेंदूपत्ता वन विभाग या वनोपज संघ नहीं तोड़ेंगे। अब ग्रामसभा ही तेंदूपत्ता तोड़ेगी, सुखाएगी, और खुद ही बेचने का काम करेगी। मछुआरों का मछली पकड़ने का परंपरागत अधिकार सुरक्षित रखते हुए तालाबों के जल प्रबंधन का अधिकार भी अब पेसा ग्रामसभा को होगा। आइये पूरे समर्पण के साथ सरकार की योजना नीचे तक पहुँचाने में कोई कसर न छोड़ें, बिछुआ व छिंदवाड़ा को आगे बढ़ाने का संकल्प लें।