बी.एल.सूर्यवंशी रिपोर्टर

मध्यप्रदेश के आजाद अध्यापक शिक्षक संवर्ग के प्रदेश अध्यक्ष भरत पटेल ने कर्मचारियों की वर्षों से लंबित क्रमोन्नति,समयमान वेतनमान,पदोन्नति,अनुकंपा नियुक्ति सहित प्रमुख लंबित मांगों को पूरी करने की शासन-प्रशासन से मांग की हैं। उधर अधिकारियों को मिल रही पदोन्नतियां और वर्षों से लंबित समस्याओं का निराकरण करवाने की मांग कर रहे अध्यापक शिक्षक संवर्ग के सैकड़ों कर्मचारीयो को निलंबित किया गया है। वाह रे अजब मध्यप्रदेश गजब मध्यप्रदेश जिसका हक बनता हैं उन्हें उनका हक नही देकर उन्हें निलंबित किया जाता हैं। उधर एक तरफ शिक्षको को राष्ट्र निर्माता व बच्चों के भाग्य विधाता कहा जाता हैं। फिर उनके साथ यह कैसा अन्याय किया जा रहा हैं। जो कि शिक्षक जिंदगी भर अपनी सेवाओं का भरपूर ज्ञान बच्चों में बिखेरकर कलेक्टर, डॉक्टर,इंजीनियर, आय.पी.एस.अधिकारियों के पद पर पहुंचाता हैं। और वह शिक्षक अपने हक व अधिकार के लिए सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर हो रहा है। और शासन-प्रशासन उसके साथ घोर अत्याचार कर निलंबित कर रहा है। जबकि पाँच साल नेताओ का कार्यकाल पूरा होने के बाद उन्हें पुरानी पेंशन की पात्रता मिल रही है।

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