आज रात्रि 12 बजे जलेगी होली
मुकेश अम्बे रिपोर्टर



नागलवाड़ी – इस साल होलिका दहन व होली की तिथि को लेकर भ्रम की स्थिति है। हर साल फाल्गुन महीने की पूर्णिमा पर होली जलती है और प्रतिपदा को रंग खेला जाता है, लेकिन इस बार पूर्णिमा तिथि दो दिन तक रहेगी, इसलिए भ्रम की स्थिति बन गई है।साथ ही अशुभ भद्रा काल भी रहेगा। ऐसे में निर्णय सिंधु के आधार पर ज्योतिषियों ने इसका समाधान निकाला है। तिथि दोष की वजह से होलिका दहन के एक दिन बाद रंगों की होली मनाई जाएगी।पंडित दिनेश शर्मा ने बताया कि 28 साल पहले 26 मार्च 1994 को ऐसा ही हुआ था। उस साल भी पूर्णिमा तिथि दो दिन थी। पूर्णिमा को होलिका दहन व प्रतिपदा को रंग खेलने की परंपरा है। इस वर्ष पूर्णिमा का मान 6 व 7 मार्च दोनों को होने से भ्रम हो रहा है।
शर्मा ने बताया कि 6 को शाम करीब 4 बजे पूर्णिमा भद्रा के साथ लग रही है। अत: उतरती भद्रा में होलिका दहन का मुहूर्त 6 मार्च की रात 12:10 के से लेकर 1:35 तक है। ज्यादातर होलिका दहन व रंग खेलने में निरंतरता होती है। इस बार पूर्णिमा के व्रत व स्नान दान के दो भागों में बंट जाने से दहन व रंग खेलने में एक दिन का अंतर होगा।

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