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February 18, 2026

सच दिखाने की हिम्मत

मनावर में 50 से अधिक स्थानों पर हुआ होलिका दहन

शकील खान रिपोर्टर

मनावर/शहर में होली पर्व धूमधाम से मनाया गया। 50 से अधिक स्थानों पर होलिका दहन कर लोगों ने एक दूसरे को बधाई दी। शाम को जगह-जगह होलिका दहन स्थल पर जाकर महिलाओं ने होलिका का पूजन अर्चन किया ।इस बार होलिका दहन की विशेषता यह रही कि लोगों ने लकड़ी की होली के बजाय कंडे की होलिका दहन कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
सामाजिक कार्यकर्ता विश्वदीप मिश्रा ने बताया कि होलिका दहन में कंडो की होली जलाने को लेकर शहर व आसपास के क्षेत्रों में मेरे द्वारा दो-तीन वर्षों तक जागरूक किया गया था । प्रतिवर्ष सैकड़ों वृक्षों की बलि देकर होलिका दहन किया जाता है। जिसके चलते पर्यावरण प्रदूषण होने के साथ-साथ जीवनदायिनी वृक्षों की जान ली जाती है । होलिका दहन समिति के सदस्यों को प्रेरित किया गया कि कंडो की होली जलाने से सैकड़ों वृक्षों की जान बचने के साथ-साथ पर्यावरण में शुद्धता आती है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए शहर व आसपास के क्षेत्रों में कई स्थानों पर होलिका दहन में पर्यावरण हितैषी कंडो का उपयोग किया गया । जो बहुत प्रेरणादाई और अनुकरणीय हैं।
इसी प्रकार शहर के गणेश चौपाटी और धोबी मोहल्ला के प्रसिद्ध होलिका दहन में जहां प्रतिवर्ष लकड़ी का उपयोग किया जाता था वहीं अब कंडो से होलिका दहन किया जाने लगा है। इस वर्ष भी चौपाटी के युवाओं ने होलिका दहन में कंडो का उपयोग कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया है। राज सोनी, अमन सोनी शुभम जैन, रितिक जोहर, अंकित जैन,,राहुल वर्मा, राधे जोहरी ,प्रिंस बड़ोदिया, वंश मित्तल आदि ने बताया कि विगत दो वर्षों से कंडो से होली को सजा कर होलिका दहन किया जा रहा है ।पूर्व में होलिका दहन में बड़ी मात्रा में लकड़ी का उपयोग किया जाता था ।लेकिन वृक्षों के महत्व व पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए अब कंडो की होलिका का दहन किया जा रहा है। हम सभी होलीका दहन समितियों से अपील करते हैं कि सभी लोग पर्यावरण हितैषी कंडो की होलिका का दहन करें। ताकि बड़ी संख्या में हम पेड़ पौधे बचाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण भी कर सके।