लोकेशन / सागर
दिनांक 15/03/23
ब्यूरो चीप भुजबल जोगी

स्लंग/ सागर गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उपाय हो
भारतीय जीव जन्तु कल्याण बोर्ड, नई दिल्ली के सदस्य राम रघुवंशी की अध्यक्षता में गौशाला प्रबंधन की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित की गई।
बैठक में रद्युवंशी ने कहा कि जिले में गौशालाओं का संचालन व्यवस्थित रूप से किया जाए। नन्दी के लिए अलग गौशालाएं रखे। गौशालाओं के सफल संचालन हेतु एमजीएसवाय गौशालाओं को एनजीओ एवं एसएचजी समूह से समन्वय स्थापित करें जिससे गौवंश की सेवा का उदेश्यपूर्ण हो सके।
गौशालाओं को जल जीवन मिशन के तहत नल कनेक्शन दिए जाएं। जिससे गौवंश को पानी की दिक्कत न हो। श्री रघुवंशी ने कहा कि गौवंश की तस्करी में उपयोग होने वाले वाहनों के विरूध्द सख्त कार्रवाई हो।
बैठक में कलेक्टर दीपक आर्य, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी पी.सी. शर्मा, उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं डॉ. बी.के. पटेल, नगर निगम सभापति शैलेष केशरवानी, जिला गोपालन समिति के नोडल अधिकारी डॉ. बीएस ठाकुर, जिला प्रबंधक आजीविका मिशन अनूप तिवारी, प्रशुभ जैन, शासकीय, अशासकीय गौ शालाओं के संचालक और गौशालाओं की गतिविधियो से जुडे़ प्रतिनिधि तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
रघुवंशी ने कहा कि गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने हेतु आर्थिक गतिविधियों को बढावा देने के लिए गौशालाओं में बनाये जाने वाले उत्पादों का विक्रय को-आपरेटिव एजेंसी के माध्यम से किया जाएं, जिससे प्रदेश स्तर पर गौशालाओं की पहचान स्थापित हो सकें।
बैठक में कलेक्टर आर्य ने मुख्यमंत्री गौशाला योजनान्तर्गत गौशालाओं एवं पंजीकृत निजी गौशालाओं के संचालको को गौशालाओं में उपलब्ध गौवंश, आहार अनुदान का समुचित उपयोग करने के निर्देश दिए।
उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवा ने बताया कि मुख्यमंत्री गौसेवा योजनान्तर्गत संचालित 26 गौशालाओं में गौवंश की संख्या 5439 है और इन्हें एक करोड तीस लाख तिरेपन हजार की राशि दी गई है। इसी तरह 21 अशासकीय गौशालाओं में गौवंश की संख्या 11865 है, इन्हें दो करोड़ चौरासी लाख छियत्तर हजार की राशि प्रदाय की गई है।

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