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Dharmendra Singh

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April 3, 2026

सच दिखाने की हिम्मत

गरीब होते हुए नि:स्वार्थ से भी दान दिया।

एस जगदीश पाटीदार रिपोर्टर

लोकेशन :–बालीपुर

विओ :—-भारती सनातन संस्कृति और हिंदू धर्म संस्कार के अनुरूप बालीपुर धाम में पूजा जी पाटीदार तेजगढ़ीया द्वारा आज पूरे गांव को भोजन करवाया गया तथा ब्राह्मणो को भी भोजन करवाया गया। पुंजाजी पाटीदार “नर्मदे हर बाबा ” के नाम से प्रसिद्ध है ।गरीब होते हुए भी उन्होंने पूरे गांव को भोजन करवाया और दान दिया । दिल के खुशनुमा होने के कारण जीते जी ही उन्होने भोजन करवाने की मिशाल कायम की। समाज मे इस कदम की बहुत ही सराहना की।इसी परिपेक्ष्य में पुंजाजी पाटीदार द्वारा समाज को रसोई घर में मिक्सर मशीन के लिए ₹ 21 हजार की राशि भेंट की। जिसका उपयोग समाज द्वारा किया जाएगा । पाटीदार समाज के श्री राम मंदिर में ₹ 2100/-दिए तथा सिरवी समाज के आई माता मंदिर में ₹ 2100/- की दान भेंट की। दान एक ऐसा कार्य है जिसके द्वारा हम न तो केवल धर्म का पालन करते हैं बल्कि समाज एवं प्राणी मात्र के प्रति अपने कर्तव्यों का पालन भी करते हैं। पूंजा जी पाटीदार ने नि:स्वार्थ भाव से दान किया है । चुंकि वर्तमान में अन्न दान और महा अंग दान का विशेष महत्व रहा है। हमारी संस्कृति हमें बचपन से ही देना सिखाती है ना कि ले ना। मनुष्य को अपने द्वारा न्याय पूर्वक अर्पित किये हुए धन का दान ईश्वर की प्रसन्न्ता के लिए सत्कर्मो में लगाया गया। उन्होंने बालीपुर धाम मे पाटीदार समाज, सीरवी समाज, राजपूत समाज, धनगर समाज और ब्राह्मण समाज को भोजन करवाया । भोजन से पूर्व भोजन मंत्र- ” ऊं सह नाववतु , सहनौ भुनक्तु, सह वीर्यम करवा वहै ” बोलकर भोजन प्रारम्भ किया।मनु ने दान की महिमा का वर्णन करते हुए कहा था कि कलयुग में केवल शास्त्रों में गुप्त दान को सर्वश्रेष्ट दान माना गया है। समाज में धन के अतिरिक्त समय, प्रेम, करुणा और सम्मान देना उनका परम कर्तव्य मानते हैं,श्री पुंजा जी।उनको यह प्रेरणा गुरूदेव ” श्री श्री 1008 श्री गजानन जी महाराज एवं मां नर्मदे ” से प्रेरणा मिली ।कार्यक्रम का संचालन अध्यापक जगदीश पाटीदार ने किया। भोजन में श्री रामायण मर्मप्रेमी एवम सत्संगी श्री केशव जी -भगवान जी तेजगडिया,शोभाराम पाटीदार, मुकेश रूखडिया, मुकेश मालाधारी, रणछोड़ भाई, राधेश्याम जी तेजगडिया,माधव भाई, अध्यापक जगदीश चोयल,कैलाश शर्मा, लक्ष्मण, प्रवीण मनोज,दिनेश का सहयोग रहा।