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Dharmendra Singh

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April 6, 2026

सच दिखाने की हिम्मत

एस पाटीदार रिपोर्टर

योगेश जी महाराज ने सभी ब्राह्मणों संध्या पुस्तिका एवं बाबा जी की प्रतिमा पेट की

लोकेशन :-मनावर।

विओ :-मां जीवन दायिनी के उत्तरी तट से कुछ दूरी पर स्थित श्री बालीपुर धाम में ब्राह्मण बटुको का यज्ञोपवित कार्यक्रम संपन्न हुआ ।
श्री श्री 1008 श्री गजानन जी महाराज बाबाजी श्रीअंबिका आश्रम बालीपुर धाम में बाबाजी द्वारा की गई तपस्या से “तपोभूमि “पर 74 ब्राह्मण बटुको का निःशुल्क यज्ञोपवीत संस्कार हुआ ।बाबा जी की प्रेरणा से एवम उनके परम हितेषी श्री योगेश जी महाराज एवम सुधाकर जी महाराज द्वारा सन् 2007 यज्ञोपवित संस्कार करवा रहे हैं ।विश्वास एवं चमत्कारिक केंद्र बालीपुर धाम में निःशुल्क सभी सामग्री ब्राह्मणों को प्रदान की जाती है। यज्ञोपवित संस्कार से पवित्रता का एहसास होता है। 16 संस्कारों में से एक संस्कार यज्ञोपवीत संस्कार भी है । बालीपुर धाम आस्था, श्रद्धा और विश्वास का प्रतीक रहा है, जो भी भक्त मन्नत मांगता हैं उनकी सभी मनोकामना पूर्ण हो जाती है। वैदिक मंत्रोचार के साथ यज्ञोपवित संस्कार संपन्न हुआ। “यज्ञो परमम् पवित्रम” के तहत नियमो के परिपालन करने पर सभी कार्य पूर्ण हो जाते हैं। संस्कार के पश्चात बटुको को हवन करवाया गया। श्री योगेश जी महाराज ने ब्राह्मण बटुको को कान मे गुरूमंत्र दिया गया। पंडित रवि जी शर्मा,बंटी महाराज के आचार्यत्व मे यज्ञोपवित संस्कार कार्यक्रम हुआ।उक्त जानकारी सदगुरुदेव सेवा समिति के अध्यापक जगदीश पाटीदार ने बताया कि अल सुबह सभी अतिथियो को पोहे , जलेबी, मिर्ची,चाय का नाश्ता करवाया गया।तथा 3:00 बजे पश्चात ब्राह्मणो एवम अन्य सभी गुरू भक्तो को भोजन करवाया गया।इस कार्यक्रम मे आचार्यत्व रविंद्र सिनगुन, इन्दौर से धीरेन्द्र पाण्डे,बंटी महाराज,रविंद्र शुक्ला–आदि का सहयोग रहा। इन्दौर से पधारे बटुक परिवार से पुरुषोत्तम जोशी ने बताया कि संस्कृति को बनाए रखने के लिए और हमारे संस्कार को पुनर्जीवित करने तथा संस्कारों की निरंतरता बनी रहे।मनोज सोहनी ने अपने वयकत्व मे कहा कि पूजा की विधि वैदिक पद्धति से किया जाता है ।त्रिकाल संध्या के भी संबंध एवम बाहर से पधारे बटुको के परिवार मामा परिवार को भी ज्ञान प्राप्त हुआ। 12000 गायत्री जप करना भी ब्राह्मणों के लिए अनिवार्य है। तथा ब्राह्मणों को आरक्षण भी श्री बालीपुर धाम में ही मिलता है।