ब्यूरो रामस्वरूप गुर्जर


*धान की फसल को बचाने के लिए चंबल नहर में तीन हजार क्यूसेक से पानी छोड़ा जाए- राधेश्याम मीणा मूंडला*
श्योपुर- श्योपुर जिले में धान की फसल की सिंचाई के लिए चंबल दायिनी मुख्य नहर में पानी की आवक 3 हजार क्यूसेक करने की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के प्रतिनिधि मंडल ने बुधवार को राजस्थान के सीएडी कोटा संभाग उपआयुक्त आर.एन.मालव, व सीएडी कोटा के ए. सी. एम.पी. सामरिया से मिलकर पानी की मात्रा बढ़ाने की मांग को लेकर श्योपुर जिले के किसानों की तरफ से एक ज्ञापन दिया । इस दौरान अधिकारियों ने श्योपुर जिले के लिए चंबल नहर में पानी की मात्रा बढ़ाने के आदेश जारी किए । किसान नेता राधेश्याम मीणा मूंडला ने जानकारी देते हुए बताया कि श्योपुर जिला पूर्ण रूप से कृषि पर आधारित जिला है यहां किसान खरीद की मुख्य फसल के तौर पर धान की फसल कर रहे हैं लेकिन इस वर्ष श्योपुर क्षेत्र में अल्प वर्षा होने कारण किसानों के द्वारा पूरी लागत लगाकर रोपी गई धान की फसल सूखने के कगार पर है इससे क्षेत्र के सभी किसान बहुत चिंतित हैं । चंबल मुख्य दाहिनी नहर श्योपुर जिले के किसानों की जीवन रेखा है, किसानों की मांग पर धान की फसल की सिंचाई हेतु कोटा बैराज से चंबल नहर में 1400 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है परंतु फसल की सिंचाई के लिए वर्तमान में पानी की मात्र पर्याप्त नहीं है चंबल मुख्य दायिनी नहर की उप शाखाओं, छोटी नहरों में सुचारू रूप से पानी पहुंचाने व टेलपोर्सन तक पानी पहुंचाने के लिए 3 हजार क्यूसेक पानी चंबल मुख्य दायिनी नहर में छोड़ा जाना आवश्यक है ताकि किसान सुचारू रूप से धान की फसल की सिंचाई कर सके जिससे अल्प वर्षा के कारण नष्ट हो रही धान की फसल को बचाया जा सके इस अवसर पर भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के प्रदेशाध्यक्ष राधेश्याम मीणा मूंडला, किसान सभा कोटा जिलाध्यक्ष दुलीचंद बोरदा, हरिसिंह मीणा सोंठवा, सुरेन्द्र मीणा हलगांवड़ा, ओबीसी महासभा के जिलाध्यक्ष विनोद मीणा अढवाड़़, ओम मीणा कोटा, कौशल दुर्जनपुरा, आदि उपस्थित रहे ।
*रामस्वरूप गुर्जर ब्यूरो रिपोर्ट श्योपुर*

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